लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा के अंतर्गत ब्लॉक संसाधन केंद्रों (BRC) के पुनर्गठन और रिक्त एआरपी (Academic Resource Person) पदों पर चयन की कार्रवाई को लेकर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य परियोजना कार्यालय के पूर्व पत्र और शासनादेश में दिए गए निर्देशों के अनुसार जुलाई 2026 तक रिक्त एआरपी पदों पर चयन की कार्रवाई पूरी की जानी थी। इसके बावजूद कई जनपदों में अभी तक रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
राज्य परियोजना कार्यालय में 9 जुलाई 2026 को जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) एवं जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) की बैठक तथा विभिन्न ऑनलाइन समीक्षा बैठकों में भी इस मामले की समीक्षा की गई। समीक्षा में कई जनपदों में रिक्त एआरपी पदों पर चयन की कार्रवाई लंबित पाए जाने के बाद अब संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देश के अनुसार आगामी 15 दिनों के अंदर रिक्त एआरपी पदों पर चयन की कार्यवाही पूरी करनी होगी। इसके साथ ही चयन प्रक्रिया में हुई प्रगति से राज्य परियोजना कार्यालय को अवगत कराने को कहा गया है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित जनपदों से प्राप्त अद्यतन जानकारी में एआरपी पदों पर चयन की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। ऐसे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जनपद में रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं।
यह निर्देश ब्लॉक संसाधन केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है। एआरपी की उपलब्धता ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को अकादमिक सहयोग देने और विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पत्र में राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा 24 जून 2026 को जारी पत्र का भी संदर्भ दिया गया है। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शासनादेश दिनांक 15 जून 2026 का उल्लेख करते हुए उसमें दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई पूरी करने की बात कही गई है।
विभाग ने संबंधित अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया है कि एआरपी पदों पर चयन की प्रगति की शीघ्र समीक्षा की जाएगी। इसलिए जनपदों को चयन प्रक्रिया पूरी करने के साथ उसकी प्रगति की जानकारी भी राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।


