उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने UPTET 2026 को लेकर NIOS से 18 माह का D.El.Ed. (ODL) कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों के संबंध में महत्वपूर्ण विज्ञप्ति जारी की है। यह विज्ञप्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा 1 जुलाई 2026 को पारित अंतरिम आदेश के अनुपालन में जारी की गई है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सभी NIOS D.El.Ed. अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी, बल्कि केवल निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले उम्मीदवार ही UPTET 2026 में शामिल हो सकेंगे।
इस मामले में पहले कुछ अभ्यर्थियों ने न्यायालय में याचिका दायर कर मांग की थी कि NIOS से 18 माह का D.El.Ed. (ODL) कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को भी UPTET 2026 में आवेदन और परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए। प्रारंभिक अंतरिम आदेश के बाद ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद इस आदेश के विरुद्ध विशेष अपील दायर की गई, जिस पर 1 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संशोधित अंतरिम आदेश जारी किया।
आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार अब केवल वे अभ्यर्थी, जिन्होंने NIOS से 18 माह का D.El.Ed. (ODL) किया है और 31 मार्च 2015 या उससे पहले किसी विद्यालय में सेवा में थे, उन्हें UPTET 2026 में अस्थायी (Provisionally) रूप से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि उनकी पात्रता का अंतिम निर्णय न्यायालय के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को अंतरिम व्यवस्था के तहत परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी, उनका UPTET 2026 का परिणाम विशेष अपील के अंतिम निस्तारण अथवा न्यायालय के अगले आदेश तक घोषित नहीं किया जाएगा। यानी ऐसे अभ्यर्थियों की परीक्षा तो होगी, लेकिन उनका परिणाम फिलहाल रोका जाएगा।
वहीं, जो अभ्यर्थी 31 मार्च 2015 से पहले सेवा में नहीं थे, उन्हें केवल 18 माह के NIOS D.El.Ed. (ODL) डिप्लोमा के आधार पर UPTET 2026 परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी। आयोग ने ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है।
ऐसे में NIOS D.El.Ed. (ODL) धारक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सेवा संबंधी स्थिति और आयोग द्वारा जारी नवीनतम निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें। यह पूरा मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम पात्रता और परिणाम संबंधी निर्णय उच्च न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद ही लागू होगा। अभ्यर्थियों को आयोग की आगामी सूचनाओं और न्यायालय के आदेशों पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए।


