लखनऊ। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत इंडिया लिटरेसी बोर्ड ने राज्य स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों को दो वर्षों तक छात्रवृत्ति देने की घोषणा की है। संस्था का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनकी उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
संस्था के निदेशक रमेश तिवारी के अनुसार छात्रवृत्ति योजना की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। पात्र विद्यार्थियों को 17 सितंबर को आयोजित डॉ. वेल्दी फिशर जयंती समारोह में सम्मानित भी किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के राज्य टॉपर को दो वर्षों तक ₹5,000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में शिक्षा वर्मा ने 97.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
हाईस्कूल के राज्य टॉपर को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में खुशीराम वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। संस्था ने यह भी बताया कि उसके द्वारा संचालित डेली फिशर लिटरेसी अकादमी के मेधावी विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया जाएगा।
छात्रवृत्ति के साथ-साथ संस्था ने अभिभावकों को राहत देने के लिए फीस में छूट देने का भी निर्णय लिया है। एक ही परिवार के दूसरे बच्चे को 20 प्रतिशत शुल्क छूट मिलेगी, जबकि निर्धारित शर्तों के अनुसार पहले और दूसरे दोनों बच्चों को 30-30 प्रतिशत तक शुल्क में रियायत दी जाएगी।
संस्था का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से मेधावी छात्रों की सहायता करना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। छात्रवृत्ति और शुल्क में छूट जैसी योजनाएं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी।


