उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यह परीक्षा प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य और उनकी शिक्षक बनने की आकांक्षाओं से जुड़ी है, इसलिए इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा का आयोजन पूरी तरह शुचितापूर्ण वातावरण में कराया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जिम्मेदारी है।
परीक्षा तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी भी परीक्षार्थी को परेशानी न हो। इसके लिए बस और रेल सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी समुचित प्रबंध किया जाए ताकि परीक्षार्थियों को तनावमुक्त वातावरण मिल सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सेवारत शिक्षकों के हित में भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को देखते हुए वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को अपनी पात्रता बनाए रखने और आवश्यक योग्यता पूरी करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से एक विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे ऐसे शिक्षकों को नियमित परीक्षा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें अपनी पात्रता सुनिश्चित करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि परीक्षा ड्यूटी में केवल ईमानदार और स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ही तैनाती की जाए। जिन अधिकारियों का रिकॉर्ड संदिग्ध हो या जिन पर पहले किसी प्रकार की लापरवाही के आरोप लगे हों, उन्हें परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियां न दी जाएं।
इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर फैलने वाली अफवाहों, फर्जी प्रश्नपत्र, भ्रामक सूचनाओं और गलत खबरों पर कड़ी निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा को प्रभावित करने या अभ्यर्थियों को भ्रमित करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।
सरकार का उद्देश्य है कि UPTET 2026 पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का चयन बिना किसी विवाद के हो सके। मुख्यमंत्री के निर्देशों से स्पष्ट है कि इस बार परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक तैयारियों को पहले से अधिक मजबूत बनाया जाएगा। वहीं, सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित करने का निर्णय भी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों शिक्षकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


