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सरकारी स्कूल में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने पर हेडमास्टर निलंबित

Sir Ji Ki Pathshala

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाना भारी पड़ गया। परमट स्थित स्कूल परिसर में केक काटने और सपा का बैनर लगाने के मामले ने देखते ही देखते बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया। भाजपा के कड़े विरोध के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया और स्कूल के हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

​🚨 कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

​जानकारी के मुताबिक, 1 जुलाई को सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी बिना किसी पूर्व सूचना के परमट के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। आरोप है कि वहां न सिर्फ अखिलेश यादव का चित्र लगाकर और बैनर टांगकर केक काटा गया, बल्कि बच्चों के बीच ड्रेस और अन्य शिक्षण सामग्री भी बांटी गई।

कानपुर सरकारी स्कूल के हेडमास्टर निलंबित

​जैसे ही इस कार्यक्रम की तस्वीरें और जानकारी भाजपा नेताओं तक पहुंची, उन्होंने सरकारी संस्थान के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। मामले के तूल पकड़ने पर शिक्षा विभाग ने जांच बैठाई और प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए हेडमास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को निलंबित कर दिया।

​🗣️ 'मास्टर जी' का जवाब: मेरी मंशा गलत नहीं थी

​निलंबन की गाज गिरने के बाद हेडमास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी ने लिखित स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा:

​"1 जुलाई को विधायक अमिताभ बाजपेयी बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल आए थे। उन्होंने वहां चित्र लगाया, केक काटा और बच्चों को सामग्री बांटी। स्कूल में बच्चों के हित के लिए ऐसे सामाजिक कार्यक्रम पहले भी होते रहे हैं, इसलिए इसमें मेरी कोई गलत मंशा नहीं थी।"


​इसके साथ ही हेडमास्टर ने यह भी खुलासा किया कि भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने भी पहले स्कूल में बच्चों को ड्रेस वितरण का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन टेट (TET) परीक्षा के चलते उसे 6 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया था।

​⚔️ राजनेताओं के बीच जुबानी जंग

​इस पूरे मामले को लेकर कानपुर की राजनीति में गरमागरम बहस छिड़ गई है। दोनों पक्षों की ओर से तीखे बयान सामने आ रहे हैं:

  • सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी का दावा: "मैं पिछले 10 सालों से अपने और अखिलेश यादव के जन्मदिन पर सरकारी स्कूलों में जाकर बच्चों को शैक्षणिक सामग्री बांटता रहा हूं। अगर यह सिर्फ क्रेडिट लेने की लड़ाई है, तो भाजपा ने मेरे कार्यक्रम से ठीक पहले अपना कार्यक्रम क्यों तय किया था?" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निलंबित हेडमास्टर के पत्र में भाजपा सांसद से नकद राशि मिलने का जिक्र है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
  • भाजपा सांसद रमेश अवस्थी की सफाई: सांसद ने सपा विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ बच्चों की ड्रेस का नाप लेने के लिए स्कूल आने की बात कही थी, ताकि बाद में एक साथ ड्रेस बांटी जा सके। इस जन्मदिन कार्यक्रम से उनका कोई संबंध नहीं है।
  • भाजपा नेता सुरेश अवस्थी का पलटवार: भाजपा नेता ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों को किसी भी राजनीतिक गतिविधि का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। बच्चों के हित के लिए जो भी राशि दी गई थी, वह नियमों के तहत थी।

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