यूपी बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा कदम: 30 जून 2026 तक रिक्त होने वाले सहायक अध्यापकों का माँगा विस्तृत ब्यौरा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रिक्तियों का सटीक आकलन करने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने राज्य के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) से सहायक अध्यापक के रिक्त पदों का विस्तृत डेटा तलब किया है। यह अहम जानकारी 30 जून, 2026 तक खाली होने वाले पदों को ध्यान में रखकर मांगी गई है। इस संबंध में उप शिक्षा निदेशक (कार्मिक), उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, अरविन्द कुमार ने 24 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी जिलों को सख्त निर्देश दिए हैं।
शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, रिक्त पदों का विवरण केवल एक कुल संख्या के रूप में नहीं, बल्कि स्पष्ट कारणों के साथ मांगा गया है। अधिकारियों को मुख्य रूप से सात विभिन्न श्रेणियों के आधार पर यह डेटा तैयार करना होगा। इन श्रेणियों में सेवानिवृत्ति के कारण खाली होने वाले पद, शिक्षकों के निधन के कारण रिक्त हुए पद, और स्वीकृत या प्राप्त त्यागपत्रों के कारण खाली पदों की विस्तृत जानकारी शामिल है। इसके अतिरिक्त, पदोन्नति, सेवा समाप्ति या बर्खास्तगी के कारण रिक्त हुए पदों का विवरण भी देना होगा। विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी अन्य कारण से पद खाली है, तो उसका स्पष्ट कारण सहित विवरण दिया जाए। साथ ही, ऐसे नवसृजित या स्वीकृत पदों की जानकारी भी मांगी गई है जिन पर अभी तक कोई नियुक्ति नहीं हुई है।
विभाग ने पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि यह सारा विवरण बहुत ही सूक्ष्म और व्यवस्थित स्तर पर तैयार किया जाना चाहिए। अधिकारियों को यह पूरा डेटा जनपदवार, विकासखंडवार (ब्लॉक), और श्रेणीवार तैयार करना है। श्रेणीवार विवरण के अंतर्गत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों के डेटा को अलग-अलग दर्शाना होगा। इसके अलावा, रिक्तियों का यह संपूर्ण विवरण विषयवार भी पृथक-पृथक रूप से तैयार कर उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह पूरा डेटा हर हाल में 05 मई, 2026 तक उपलब्ध कराने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। अधिकारियों को यह विवरण निर्धारित प्रपत्र में विभाग की आधिकारिक ईमेल आईडी (esttabupbasic@gmail.com) पर भेजना सुनिश्चित करना होगा। ईमेल के साथ-साथ इस रिपोर्ट की एक हस्ताक्षरित प्रति (हार्ड कॉपी) डाक द्वारा भी लखनऊ मुख्यालय भेजनी अनिवार्य है।
इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पत्र के अंत में उप शिक्षा निदेशक ने कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि उपलब्ध कराया जाने वाला विवरण पूर्णतः सत्यापित, अद्यतन (अपडेटेड) और त्रुटिरहित होना चाहिए। यदि किसी भी जिले से अपूर्ण या असत्यापित विवरण प्राप्त होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी की सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


