लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच स्कूलों की छुट्टियां बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। शासन और शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश के सभी विद्यालय अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और तिथि के अनुसार ही खुलेंगे। अवकाश को आगे बढ़ाने को लेकर फिलहाल सरकार या विभाग के स्तर पर न तो कोई विचार किया जा रहा है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।
सोशल मीडिया की अटकलों पर लगा पूर्णविराम
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न अनौपचारिक माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि अत्यधिक गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए सरकार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने पर विचार कर रही है। इन खबरों के वायरल होने के बाद से ही अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
शिक्षा विभाग से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने अब इन सभी अटकलों और भ्रामक खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग की ओर से साफ कहा गया है कि अवकाश विस्तार को लेकर अब तक कोई भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
अधिकारियों की अपील: केवल आधिकारिक सूचना पर ही करें भरोसा
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अपुष्ट या भ्रामक खबर पर विश्वास न करें। विद्यालय खुलने की तारीखों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। सभी को सलाह दी गई है कि वे केवल शिक्षा विभाग या संबंधित जिला प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक ज्ञापनों और आदेशों को ही सही और मान्य समझें।
भविष्य की परिस्थितियों पर रखी जा रही है नजर
हालांकि, शिक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि आने वाले दिनों में मौसम अत्यधिक खराब होता है या लू की स्थिति जानलेवा बनती है, तो परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। भविष्य में यदि कोई बदलाव करने की आवश्यकता पड़ती भी है, तो उसकी विधिवत सूचना आधिकारिक माध्यमों, समाचार पत्रों और सरकारी पोर्टल्स के जरिए पारदर्शी तरीके से आम जनता तक पहुंचाई जाएगी। लेकिन, वर्तमान स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम में किसी भी तरह का संशोधन प्रस्तावित नहीं है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaway):
- स्कूल खुलने की तारीख में फिलहाल कोई बदलाव नहीं।
- छुट्टियां बढ़ाने का कोई भी प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन नहीं है।
- अभिभावक और छात्र किसी भी अफवाह का शिकार न हों और निर्धारित समय पर स्कूल जाने की तैयारी करें।


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