Type Here to Get Search Results !

शिक्षक सुसाइड केस: 25 हजार की इनामी पूर्व BSA शालिनी श्रीवास्तव दिल्ली से गिरफ्तार, चार महीने से थीं फरार

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश (देवरिया/गोरखपुर): उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से जुड़े चर्चित शिक्षक आत्महत्या मामले में महीनों से फरार चल रही पूर्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पच्चीस हजार रुपए की इनामी आरोपी शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर की गुलरिहा पुलिस ने देश की राजधानी दिल्ली से दबोचा है। अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी होने और लगातार ठिकाने बदलने के बाद मंगलवार को उनकी फरारी का अंत हुआ। इस साल 22 फरवरी को मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वह लगातार पुलिस को चकमा दे रही थीं, लेकिन सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस उन्हें दबोचने में कामयाब रही।

पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव पुलिस कस्टडी में (Former BSA Shalini Srivastava)

रिश्वत और प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक ने दी थी जान

​यह पूरा मामला कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के रहने वाले सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है। कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में तैनात थे और गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में अपने भाई के साथ रहते थे। बीती 20 फरवरी की रात उन्होंने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। आत्मघाती कदम उठाने से पहले शिक्षक ने एक सुसाइड नोट लिखा था और एक वीडियो भी जारी किया था। इस वीडियो और पत्र में उन्होंने तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर बहाली व वेतन जारी करने के नाम पर गंभीर रूप से प्रताड़ित करने और मोटी रकम मांगने का आरोप लगाया था।

प्रशासनिक कार्रवाई और मुख्य आरोपियों की स्थिति

​शिक्षक की मौत और सुसाइड नोट सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था। शासन स्तर पर हुई शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने के बाद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से ही दोनों आरोपी पुलिस से बचने के लिए फरार चल रहे थे। इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले एक पूर्व प्रधानाचार्य को गोरखपुर पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी शालिनी श्रीवास्तव की गिरफ्तारी अब जाकर दिल्ली से हो सकी है।

बाबू संजीव सिंह अब भी फरार, पुलिस की दबिश जारी

​पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद अब गोरखपुर पुलिस उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। हालांकि, इस पूरे मामले का दूसरा मुख्य आरोपी और बीएसए कार्यालय का बाबू संजीव सिंह अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। स्थानीय शिक्षक संगठनों ने पूर्व बीएसए की गिरफ्तारी का स्वागत किया है और पीड़ित शिक्षक के परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करते हुए फरार बाबू की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

Top Post Ad

Bottom Post Ad