लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासनिक अमले को बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया कि जनहित और सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हर मोर्चे पर मुस्तैद रहने का आदेश दिया है।
मोहर्रम पर सख्ती: "यह मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं"
आगामी मोहर्रम को लेकर मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की और अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मोहर्रम श्रद्धा और मातम का पर्व है, इसलिए इसे शक्ति प्रदर्शन का माध्यम कतई न बनने दिया जाए। जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन और कानफोड़ू डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ताजियों की ऊंचाई भी निर्धारित मानकों और तय सीमा के भीतर ही रखनी होगी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भव्य तैयारी और स्वच्छता अभियान
आगामी 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार बड़े स्तर पर आयोजन करने जा रही है। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" रखी गई है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इस बार योगाभ्यास के कार्यक्रम सिर्फ पार्कों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक धरोहरों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके।
योग दिवस से ठीक एक दिन पहले, यानी 20 जून को पूरे प्रदेश में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों के आसपास बड़े पैमाने पर सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि योग दिवस का स्वागत एक स्वच्छ वातावरण में हो सके।
जनसुनवाई में ढिलाई पर नपेंगे अफसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की समस्याओं के निवारण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले अफसरों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जनता दर्शन और जनसुनवाई कार्यक्रमों को पूरी गंभीरता से लेने और समस्याओं का समयबद्ध व प्रभावी समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस: तीन दिन में तैनात हों सीएमओ
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा और समयबद्ध आदेश जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन भी जिलों में वर्तमान में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पद खाली हैं, वहां अगले तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से योग्य अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सरकार का उद्देश्य है कि प्रशासनिक कमियों के कारण चिकित्सा सेवाओं के संचालन में जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री के इन कड़े निर्देशों से साफ है कि उत्तर प्रदेश सरकार आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और जनसेवा से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए पूरी तरह गंभीर है।


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