प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सूरज की तपिश और जानलेवा लू (Heat Wave) का कहर लगातार जारी है। आसमान से बरसती आग के बीच प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों (परिषदीय स्कूलों) को दोबारा खोलने की तारीख नजदीक आ रही है। इस बीच, बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चिंताएं सामने आने लगी हैं। भीषण गर्मी के इस प्रकोप को देखते हुए 'बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश' ने मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा विभाग से ग्रीष्मकालीन अवकाश को 30 जून 2026 तक बढ़ाने की पुरजोर मांग की है।
इस संबंध में शिक्षक संगठन ने शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपकर सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
पारा 45 डिग्री के पार; बच्चों की सेहत पर मंडराया खतरा
शिक्षक संघ द्वारा भेजे गए पत्र में उत्तर प्रदेश के मौजूदा मौसम के हालातों का हवाला दिया गया है। वर्तमान में सूबे के अधिकांश जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है।
ज्ञापन में मुख्य रूप से इन चिंताओं को रेखांकित किया गया है:
- लू का प्रकोप: इतनी कम उम्र के बच्चों के लिए इस भीषण लू में घर से बाहर निकलना और स्कूल जाना सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण है।
- बिजली की किल्लत: ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में बिजली की अनियमित आपूर्ति (पावर कट) एक बड़ी समस्या है। बिजली न होने पर उमस और गर्मी से बच्चों का हाल बेहाल हो सकता है।
- संसाधनों की कमी: गांवों के स्कूलों में भीषण गर्मी से बचाव के पर्याप्त आधुनिक साधन (जैसे कूलर आदि) उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मासूमों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
16 जून से खुलने हैं स्कूल, अभिभावकों में भी असमंजस
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश के परिषदीय स्कूल 16 जून से दोबारा खुलने के लिए प्रस्तावित हैं। हालांकि, मौसम के कड़े तेवरों को देखते हुए सिर्फ शिक्षक ही नहीं, बल्कि अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। संगठन का कहना है कि लगातार अभिभावकों और शिक्षकों की तरफ से छुट्टियां आगे बढ़ाने का दबाव और मांग आ रही है।
शिक्षक संघ का सुझाव: 1 जुलाई से बदले हुए समय पर खुलें स्कूल
बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने केवल मांग ही नहीं रखी, बल्कि सरकार के सामने एक व्यावहारिक सुझाव भी पेश किया है। संगठन का कहना है कि:
- ग्रीष्मकालीन अवकाश को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 30 जून किया जाए।
- इसके बाद, 1 जुलाई 2026 से जब स्कूल खुलें, तो उनका समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया जाए, ताकि बच्चे दोपहर की तीखी धूप और लू की चपेट में आने से बच सकें।
ध्यान रहे कि यह वर्तमान में केवल एक प्रमुख शिक्षक संगठन द्वारा की गई मांग और सुझाव है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग या राज्य सरकार की ओर से छुट्टियां बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक आदेश (शासनादेश) जारी नहीं किया गया है। फिलहाल के नियमों के मुताबिक स्कूल तय समय पर ही खुलने की स्थिति में हैं।
यदि आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज को देखते हुए शासन स्तर पर छुट्टियों को आगे बढ़ाने का कोई भी निर्णय लिया जाता है, तो विभाग द्वारा इसकी आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की जाएगी। तब तक शिक्षक और छात्र दोनों ही सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।



Social Plugin