नई दिल्ली: नीट यूजी 2026 की परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से सबक लेते हुए केंद्र सरकार इस बार किसी भी प्रकार की चूक के मूड में नहीं है। आगामी 21 जून को होने वाली नीट यूजी की पुनर्परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए एक बेहद सख्त और अभेद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इस बार परीक्षा की सबसे संवेदनशील कड़ी यानी प्रश्नपत्रों (Question Papers) और ओएमआर शीट (OMR Sheets) की सुरक्षा का जिम्मा देश के जांबाज अर्धसैनिक बलों को सौंपा गया है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान अब परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय सामग्री को अपनी कस्टडी में पहुंचाएंगे।
11 से 19 जून तक केंद्रीय बलों का कड़ा पहरा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून को देशव्यापी पुनर्परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती 11 जून से ही शुरू हो चुकी है, जो 19 जून तक लगातार जारी रहेगी। इसके बाद, 21 जून को परीक्षा समाप्त होते ही ओएमआर शीटों और अन्य गोपनीय सामग्रियों को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया भी इन्हीं सुरक्षा बलों की निगरानी में शुरू होगी।
'हब एंड स्पोक' मॉडल से होगी सप्लाई
परीक्षा सामग्री को मुख्य केंद्रों से देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए एक बहुस्तरीय ‘हब एंड स्पोक’ नेटवर्क तैयार किया गया है:
- मुख्य प्रस्थान बिंदु: परीक्षा सामग्री मुख्य रूप से अहमदाबाद और हैदराबाद से रवाना होगी।
- वितरण केंद्र: यहाँ से सामग्री देश भर के लगभग 551 हब शहरों तक पहुँचाई जाएगी।
- परिवहन मार्ग: समय की बचत और सुरक्षा को देखते हुए हवाई (विमान व हेलीकॉप्टर) और सड़क दोनों मार्गों का संयुक्त उपयोग किया जा रहा है।
दो-स्तरीय (Two-Tier) सुरक्षा व्यवस्था और कड़ा तालमेल
पूरी परिवहन प्रक्रिया के दौरान परिंदा भी पर न मार सके, इसके लिए दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है:
- लॉजिस्टिक हब्स पर पहरा: केंद्रीय बलों के जवान सभी प्रमुख हवाई अड्डों, हेलीपैडों और विभिन्न क्षेत्रीय लॉजिस्टिक हबों पर चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे।
- सफर के दौरान निगरानी: सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के सशस्त्र कर्मी परीक्षा सामग्री के साथ विमानों और हेलीकॉप्टरों में खुद सफर करेंगे, ताकि रास्ते में किसी भी प्रकार की कस्टडी चेंज या अनधिकृत पहुंच की संभावना को शून्य किया जा सके।
रेलवे का बड़ा फैसला: आउटसोर्सिंग खत्म, खुद का परीक्षा तंत्र और हाईटेक टैबलेट
नीट पेपर लीक मामले से सबक लेते हुए सिर्फ शिक्षा मंत्रालय ही नहीं, बल्कि रेलवे मंत्रालय भी बड़े प्रशासनिक और तकनीकी सुधार की ओर बढ़ गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आउटसोर्सिंग (बाहरी एजेंसियों) पर निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है।अब ऐसे होगी रेलवे की परीक्षा:
- स्वयं का परीक्षा तंत्र: रेलवे अब किसी बाहरी एजेंसी को ठेका देने के बजाय अपना खुद का इन-हाउस परीक्षा तंत्र (Examination Infrastructure) स्थापित करेगा।
- लाखों हाईटेक टैबलेट की खरीद: परीक्षा को डिजिटल और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे लाखों की संख्या में हाईटेक टैबलेट खरीदने जा रहा है। इस पूरी योजना की वित्तीय मंजूरी के लिए फाइल को आगे बढ़ा दिया गया है।


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