प्रयागराज: प्रयागराज जिले के परिषदीय विद्यालयों में अब छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास और अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए स्काउटिंग और गाइडिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), प्रयागराज, अनिल कुमार ने 25 जून 2026 को जिले के सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को इस संबंध में एक विस्तृत आधिकारिक आदेश जारी किया है। यह निर्देश शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश के अप्रैल 2026 में जारी आदेश के अनुपालन में दिया गया है।
हर स्कूल में बनेगी कम से कम एक यूनिट, रजिस्ट्रेशन होगा फ्री
आदेश के अनुसार, जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय विद्यालयों में आयु के अनुसार कम से कम 1-1 यूनिट (कब/बुलबुल/स्काउट/गाइड) का पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन विद्यालयों में पहले से दल पंजीकृत हैं, उन्हें अपना नवीनीकरण कराना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि यह पंजीकरण और नवीनीकरण विद्यालयों या छात्र-छात्राओं के लिए पूरी तरह से निःशुल्क होगा।
डीबीटी के पैसों से ले सकेंगे स्काउट-गाइड ड्रेस
छात्रों की यूनिफॉर्म को लेकर इस आदेश में एक अहम और सुविधाजनक व्यवस्था दी गई है। डीबीटी (Direct Benefit Transfer) योजना के तहत छात्रों को 2 सेट यूनिफॉर्म के लिए जो धनराशि भेजी जाती है, उसका उपयोग अब स्काउट-गाइड ड्रेस के लिए भी किया जा सकेगा। पंजीकृत बच्चे उस धनराशि से 1 सेट सामान्य स्कूल यूनिफॉर्म और 1 सेट स्काउट/गाइड की यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे।
कक्षा 6, 7 और 8 में अनिवार्य होगी 'स्काउट गाइड शिक्षा'
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की समय सारिणी का कड़ाई से पालन करते हुए, अब उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 6, 7 और 8) में 'स्काउट गाइड शिक्षा' नामक पुस्तक का अनिवार्य रूप से पठन-पाठन कराया जाएगा। इसके साथ ही, शिक्षकों, स्काउट मास्टरों और गाइड कैप्टनों को संस्था द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में स्वेच्छा से भाग लेने की अनुमति भी दी गई है।
जनपद स्तर पर तैयार होगा बैंड, प्रतियोगिताओं को मिलेगा बढ़ावा
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जनपद स्तर पर कम से कम एक 'कब/बुलबुल/स्काउट/गाइड' का बैंड तैयार किया जाए। इसके अलावा मंडल स्तर पर अंतर्जनपदीय बैंड प्रतियोगिता भी आयोजित कराई जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को जनपद, मण्डल और प्रदेश स्तर पर होने वाली रैलियों तथा बीएसजी (BSG) ज्ञान छात्रवृत्ति जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि उनकी प्रतिभा को एक नया मंच मिल सके।


