भदोही: जनपद के परिषदीय विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) भदोही ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय को ₹700 की दर से धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जिसका उपयोग केवल शासन द्वारा निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों को खर्च का मदवार विवरण तैयार कर सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निर्देश पर जारी हुआ आदेश
27 जून 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्र के अनुपालन में जनपद के सभी पीएम पोषण योजना से संचालित विद्यालयों के लिए यह धनराशि स्वीकृत की गई है। इसका उद्देश्य विद्यालय स्तर पर आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना और योजना के संचालन को और बेहतर बनाना है।
किन-किन कार्यों पर खर्च की जा सकेगी धनराशि?
विद्यालयों को प्राप्त ₹700 की राशि का उपयोग केवल निम्नलिखित आवश्यक मदों पर किया जा सकेगा—
- रसोइयों के लिए एप्रन
- रसोइयों के लिए हेड कवर
- हाथ धोने के लिए साबुन
- लेखन सामग्री
- मध्याह्न भोजन पंजिका
- आवश्यक फॉर्म एवं अभिलेख
- योजना संचालन से संबंधित अन्य स्वीकृत विद्यालय स्तरीय सामग्री
व्यय का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा
बीएसए ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यालय प्राप्त धनराशि का उपयोग नियमानुसार करें तथा प्रत्येक मद का अलग-अलग व्यय विवरण तैयार करें। सभी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका सत्यापन किया जा सके।
BEO और प्रधानाध्यापकों को दिए गए निर्देश
आदेश की प्रति सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को भेजी गई है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र के विद्यालयों को शासनादेश के अनुरूप धनराशि खर्च कराने एवं उसका विवरण तैयार कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं इंचार्ज प्रधानाध्यापक भी निर्धारित नियमों का पालन करेंगे।
यद्यपि प्रति विद्यालय ₹700 की राशि छोटी दिखाई देती है, लेकिन इसका उद्देश्य पीएम पोषण योजना के दैनिक संचालन में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे भोजन वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी तथा विद्यालयों में अभिलेखीकरण भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
बीएसए भदोही द्वारा जारी यह आदेश पीएम पोषण योजना के सुचारु संचालन और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब सभी विद्यालयों को निर्धारित मदों में ही धनराशि खर्च करनी होगी तथा उसका मदवार रिकॉर्ड तैयार कर सुरक्षित रखना होगा। नियमों के अनुरूप व्यय और अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालयों और अधिकारियों की होगी।


