पेंशनर्स और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के सब्सक्राइबर्स के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने पेंशन से जुड़ी शिकायतों के तुरंत और आसान निपटारे के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित प्लेटफॉर्म 'पेंशन सहायक' (Pension Sahayak) लॉन्च किया है।
यह नया और आधुनिक प्लेटफॉर्म पुराने 'सेंट्रल ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम' (CGMS) की जगह लेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनधारकों की समस्याओं का तेजी से, पारदर्शी और स्मार्ट तरीके से समाधान करना है। अब यूजर्स वेब, मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए एक ही जगह पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
'पेंशन सहायक' की 5 सबसे बड़ी खासियतें
- PRAN या पासवर्ड याद रखने का झंझट खत्म: अब आपको शिकायत दर्ज करने के लिए अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) या जटिल पासवर्ड याद रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप केवल अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP की मदद से तुरंत पोर्टल में लॉगिन कर सकते हैं।
- सभी खाते एक ही स्क्रीन पर: यदि आपके एक ही मोबाइल नंबर से एक से अधिक PRAN लिंक हैं, तो लॉगिन करते ही वे सभी आपकी स्क्रीन पर आ जाएंगे। अटल पेंशन योजना (APY) के ऐसे ग्राहक जो अपना PRAN भूल गए हैं, वे भी इस सुविधा से अपना खाता आसानी से खोज सकते हैं।
- 22 भाषाओं में वॉयस सपोर्ट (बोलकर दर्ज करें शिकायत): इस पोर्टल को 'भाषिनी AI' (Bhashini AI) से इंटीग्रेट किया गया है, जिसकी मदद से यह 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। अब आप अपनी क्षेत्रीय भाषा में बोलकर (Voice Command) शिकायत दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि सिस्टम आपको जवाब भी उसी भाषा में टेक्स्ट या ऑडियो के रूप में देगा।
- ऑटोमैटिक एस्केलेशन (शिकायत आगे बढ़ाना): इस AI सिस्टम में रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा है। यदि तय समय-सीमा के भीतर आपकी शिकायत नहीं सुलझती है, तो सिस्टम खुद-ब-खुद उस शिकायत को उच्च अधिकारियों (Senior Authority) के पास ट्रांसफर कर देगा।
- NPS ट्रस्ट और ओम्बड्समैन को सीधे अपील: यदि आप दिए गए समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो मात्र एक क्लिक से अपनी शिकायत को NPS ट्रस्ट या ओम्बड्समैन (Ombudsman) के पास भेज सकते हैं। इसके अलावा, आप समाधान की गुणवत्ता को रेटिंग भी दे सकेंगे।
पुराने सिस्टम से कैसे है अलग और बेहतर?
पुराना CGMS सिस्टम काफी पारंपरिक था, जिसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर को थोड़ी बहुत तकनीकी जानकारी होनी जरूरी थी। इसके उलट, नया 'पेंशन सहायक' पूरी तरह से यूजर-फ्रेंडली और वॉयस-कमांड पर काम करने वाला आधुनिक इकोसिस्टम है। इसमें आपको बस अपनी आम भाषा में समस्या बतानी है, बाकी ट्रैकिंग और समाधान का सारा काम यह स्मार्ट सिस्टम खुद कर लेगा।
PFRDA की यह नई पहल यह सुनिश्चित करती है कि देश के किसी भी हिस्से में बैठा पेंशनधारक बिना किसी परेशानी के अपनी शिकायतों को दर्ज कर सके और उनके प्रगति पर नजर रख सके।
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