उत्तर प्रदेश की राजनीति में शिक्षा एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बनती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में सरकार बनने पर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव करने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए रोजगारपरक और समान अवसर आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
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केजी से पीजी तक बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा का वादा
एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो केजी (Kindergarten) से लेकर पीजी (Post Graduation) तक सभी बालिकाओं को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में सभी वर्गों के छात्रों को इंटरमीडिएट तक मुफ्त शिक्षा देने की व्यवस्था भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और आर्थिक स्थिति किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए।
सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बनाया जाएगा बेहतर
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और उन्हें निजी विद्यालयों से बेहतर बनाने की दिशा में काम होगा। विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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नई शिक्षा नीति में सुधार की बात
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि वर्तमान नीति में कई कमियां हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर रोजगार और कौशल विकास से जोड़ना जरूरी है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार के अवसर आसानी से मिल सकें।
निजी स्कूलों में आरक्षण लागू करने पर होगा विचार
सपा अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा में समानता लाने के लिए निजी विद्यालयों में भी आरक्षण लागू करने पर विचार किया जाएगा। उनका मानना है कि सभी वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए। साथ ही कौशल विकास को बढ़ावा देकर बड़ी संख्या में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा जाएगा।
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पेपर लीक रोकने के लिए हाईटेक व्यवस्था
अखिलेश यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और हाईटेक निगरानी व्यवस्था अपनाकर पेपर लीक जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। सरकार बनने पर परीक्षा कैलेंडर पहले से जारी किया जाएगा और पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
गंगा सफाई और नाविकों के लिए भी किए वादे
शिक्षा के अलावा उन्होंने गंगा सफाई के मुद्दे पर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए पहले यमुना और गोमती जैसी सहायक नदियों की सफाई आवश्यक है। इसके साथ ही नाविक समुदाय के लिए मुफ्त या रियायती दरों पर नाव उपलब्ध कराने तथा उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया।
समाजवादी पार्टी की ओर से किए गए ये वादे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले शिक्षा को लेकर एक बड़ा राजनीतिक एजेंडा माने जा रहे हैं। मुफ्त शिक्षा, सरकारी विद्यालयों का आधुनिकीकरण, निजी स्कूलों में आरक्षण, पेपर लीक पर रोक और रोजगारपरक शिक्षा जैसे मुद्दे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।


