लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आज 23 जून 2026 को आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, पार्थ सेन सारथी ने प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं को समझना और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना था।
शिक्षक ही शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी
संवाद के दौरान पार्थ सेन सारथी ने कहा कि विद्यालयों की सफलता का आधार शिक्षक हैं। यदि शिक्षक प्रेरित और संतुष्ट होंगे तो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित उपस्थिति और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विभाग और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में शिक्षकों द्वारा विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक मुद्दे उठाए गए। सचिव ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और विभागीय स्तर पर उनका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल निर्देश जारी करना नहीं, बल्कि शिक्षकों के साथ सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना है, जिससे विद्यालयों में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
निपुण भारत मिशन की सफलता पर विशेष चर्चा
संवाद में बच्चों के बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि निपुण भारत मिशन की सफलता सीधे तौर पर शिक्षकों के प्रयासों पर निर्भर है और प्रत्येक शिक्षक को इस मिशन को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना होगा।
विद्यालयों में नवाचार और तकनीक के उपयोग की अपील
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नवाचारों तथा डिजिटल संसाधनों का उपयोग करें। बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि उनका समग्र विकास हो सके।
समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों ने सेवा संबंधी, प्रशासनिक एवं शैक्षणिक विषयों से जुड़े कई प्रश्न रखे। सचिव ने सभी सुझावों और समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए कहा कि विभाग लगातार सुधार की दिशा में कार्य कर रहा है और जहां आवश्यक होगा वहां नीतिगत स्तर पर भी विचार किया जाएगा।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता
पार्थ सेन सारथी ने स्पष्ट किया कि बेसिक शिक्षा विभाग का मुख्य लक्ष्य परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए शिक्षक, अधिकारी और विभाग सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्य बातें
- शिक्षकों से सीधा संवाद स्थापित किया गया।
- विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया गया।
- निपुण भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा हुई।
- शिक्षकों की समस्याओं और सुझावों को सुना गया।
- विभाग और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया गया।
- बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।
यह संवाद कार्यक्रम केवल औपचारिक बैठक नहीं बल्कि विभाग और शिक्षकों के बीच विश्वास बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। सचिव पार्थ सेन सारथी ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार तभी संभव है जब शिक्षक, अधिकारी और विभाग एक टीम की तरह कार्य करें तथा बच्चों के बेहतर भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
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