लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बड़े बदलावों का गवाह बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार (योगी-2.0) का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार करते हुए 6 नए चेहरों को टीम में शामिल किया है। राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नए और प्रोन्नत मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस विस्तार के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 60 पहुँच गई है, जो कि संवैधानिक रूप से राज्य में मंत्रियों की अधिकतम अनुमेय संख्या है।
शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची
समारोह में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित नियुक्तियां की गईं:
- कैबिनेट मंत्री के रूप में: भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली।
- राज्यमंत्री के रूप में: सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्यमंत्री बनाया गया है।
- पदोन्नति: राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल को उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर प्रमोट करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में दोबारा शपथ दिलाई गई।
मंत्रिमंडल का नया स्वरूप
इस विस्तार के बाद अब मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों सहित कैबिनेट मंत्रियों की कुल संख्या 23 हो गई है। इसी तरह स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्रियों की संख्या बढ़कर 16 और राज्यमंत्रियों की संख्या 21 हो गई है।
हाल ही में जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान वाल्मीकि के लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद मंत्रियों की संख्या 54 रह गई थी, जिसे अब अधिकतम सीमा यानी 60 तक पहुँचा दिया गया है।
प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ चेहरे मौजूद रहे। यह विस्तार आगामी राजनीतिक लक्ष्यों और प्रशासनिक मजबूती के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


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