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उ.प्र. बेसिक शिक्षा परिषद: सेवानिवृत्ति विकल्प और ग्रेच्युटी नामांकन प्रक्रिया

Sir Ji Ki Pathshala

उ.प्र. बेसिक शिक्षा परिषद: सेवानिवृत्ति विकल्प और ग्रेच्युटी नामांकन प्रक्रिया

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​उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए सेवाकाल के दौरान दो महत्वपूर्ण निर्णय लेना अनिवार्य होता है: पहला, अपनी सेवानिवृत्ति (Retirement) की आयु का विकल्प चुनना और दूसरा, अपने परिवार के सदस्यों को ग्रेच्युटी के लिए नामांकित करना। हाल ही में साझा किए गए प्रपत्र 'क' और प्रपत्र 'ख' इसी प्रक्रिया का आधार हैं।

​1. विकल्प पत्र (प्रपत्र - 'क'): सेवानिवृत्ति आयु का चुनाव

​यह प्रपत्र शिक्षक को अपनी इच्छा अनुसार सेवानिवृत्ति की आयु चुनने का अवसर देता है। इसके अंतर्गत दो मुख्य विकल्प होते हैं:

  • 60 वर्ष की आयु का विकल्प: यदि कोई शिक्षक 60 वर्ष में रिटायर होना चाहता है, तो उसे ग्रेच्युटी और अन्य संबंधित लाभों की गणना उसी आधार पर की जाती है।
  • 62 वर्ष की आयु का विकल्प: वर्तमान नियमों के अनुसार अधिकांश शिक्षक 62 वर्ष का विकल्प चुनते हैं। शासनादेश संख्या-286/79-6-04-28(5)/2004 के तहत शिक्षक अपनी स्वेच्छा से इसे चुन सकते हैं।
विशेष टिप: प्रपत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जो विकल्प आप नहीं चुन रहे हैं, उसे काट देना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भ्रम न रहे।​

2. ग्रेच्युटी नामांकन पत्र (प्रपत्र - 'ख'): परिवार की सुरक्षा

​ग्रेच्युटी (आनुतोषिक) वह राशि है जो सेवा के अंत में या सेवाकाल के दौरान असामयिक मृत्यु होने पर विभाग द्वारा दी जाती है। प्रपत्र - 'ख' नियम-20 के अंतर्गत भरा जाता है, जिसमें शिक्षक को निम्नलिखित विवरण देने होते हैं:
  • नामित व्यक्ति (Nominee): परिवार के उन सदस्यों के नाम जिन्हें ग्रेच्युटी प्राप्त करने का अधिकार होगा।
  • हिस्सेदारी का निर्धारण: यदि एक से अधिक नॉमिनी हैं, तो प्रत्येक को मिलने वाली राशि का प्रतिशत (अंश) स्पष्ट रूप से अंकित करना होता है।
  • आकस्मिक प्रावधान: यदि मुख्य नॉमिनी की मृत्यु शिक्षक से पहले हो जाए, तो उस स्थिति में वैकल्पिक नॉमिनी कौन होगा, इसका विवरण भी कॉलम संख्या 6 में देना अनिवार्य है।

​प्रपत्र भरते समय ध्यान रखने योग्य बातें

​एक छोटी सी गलती आपके परिवार के लिए भविष्य में कानूनी अड़चनें पैदा कर सकती है। फॉर्म भरते समय इन बिंदुओं का मिलान अवश्य करें:
  • साक्षी (Witness): दोनों प्रपत्रों पर गवाहों के हस्ताक्षर और उनके पदनाम का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
  • सत्यापन: फॉर्म भरने के बाद इसे 'सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी' (ABSA) और 'जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी' (BSA) द्वारा प्रमाणित करवाया जाता है।
  • शुद्धता: जन्मतिथि और सेवानिवृत्ति की तिथि का मिलान अपनी सर्विस बुक (Service Book) से जरूर कर लें।
  • निरस्तीकरण: यदि आपने पहले कोई नामांकन किया था और अब उसे बदलना चाहते हैं, तो नए फॉर्म में पुराने नामांकन के निरस्त होने का उल्लेख स्पष्ट रूप से करें।
​ये दस्तावेज़ केवल कागजी कार्यवाही नहीं हैं, बल्कि शिक्षक की मेहनत की कमाई को सुरक्षित करने का माध्यम हैं। प्रत्येक शिक्षक को समय रहते इन प्रपत्रों को भरकर अपने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कर देना चाहिए और इसकी एक प्रति (Received Copy) अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए।
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