लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय (समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत माह मई और जून (1/2 माह) 2026 के मानदेय भुगतान के लिए धनराशि आवंटित कर दी है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा कुल 34,517.07 लाख रुपये (345 करोड़ 17 लाख 7 हजार रुपये मात्र) की भारी-भरकम राशि जारी की गई है।
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी इस आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह धनराशि प्रदेश के सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को हस्तांतरित कर दी गई है। इसके साथ ही PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर आहरण एवं व्यय की सीमा (Limit) भी निर्धारित कर दी गई है।
शासन द्वारा जारी निर्देशों में साफ किया गया है कि इस आवंटित बजट का उपयोग बेहद पारदर्शिता के साथ किया जाना है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि:
- यह मानदेय केवल उन्हीं शिक्षा मित्रों को दिया जाएगा जिनका मानदेय वित्तीय वर्ष 2025-26 में संविदा शिक्षा के अंतर्गत भुगतान किया गया हो।
- किसी भी अन्य या अपात्र व्यक्ति को इस निधि से भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे मानदेय मद में प्राप्त धनराशि के व्यय और आहरण की प्रगति रिपोर्ट हर महीने की 05 तारीख तक 'प्रबंध पोर्टल' पर अनिवार्य रूप से अपडेट करें।
सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों शिक्षा मित्रों को समय पर मानदेय मिल सकेगा, जिससे उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।


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