लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी 21 मई को होने वाली लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा और 31 मई को प्रस्तावित बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने इन दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षाएं पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन संपन्न होनी चाहिए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लाखों अभ्यर्थी होंगे शामिल, की गई चाक-चौबंद व्यवस्था
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के अध्यक्ष एसएन साबत ने बताया कि 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के 44 जिलों में 861 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 3,66,712 परीक्षार्थी अपना भाग्य आजमाएंगे।
वहीं, 31 मई को होने वाली बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के बारे में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने जानकारी दी कि इस वर्ष 4,44,958 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षा प्रदेश के 72 जिलों के 1011 केंद्रों पर संपन्न होगी। नकल रोकने और परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। एआई (Artificial Intelligence) आधारित सर्विलांस और केंद्रीय कंट्रोल रूम के जरिए सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की जाएगी।
✅ लेखपाल परीक्षा: 21 मई, 44 जिले, 861 केंद्र
✅ बीएड प्रवेश परीक्षा: 31 मई, 72 जिले, 1011 केंद्र
अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को दिए गए ये सख्त निर्देश:
- कड़ी सुरक्षा और चेकिंग: परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग और जामा तलाशी सुनिश्चित की जाएगी। प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री का वितरण निर्धारित प्रोटोकॉल और समय-सीमा के भीतर ही होगा।
- विशेष प्रशिक्षण: केंद्र अधीक्षकों, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और परीक्षा ड्यूटी में लगे अन्य सभी कर्मचारियों को किसी भी लापरवाही से बचने के लिए गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- यातायात और पुलिस व्यवस्था: परीक्षा के दिन रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर परीक्षार्थियों और उनके परिजनों की भारी भीड़ होने की संभावना है। इसे देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- संवेदनशील जिलों पर नजर: जिन जिलों में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक है, वहां मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर कोई चूक या लापरवाही न हो और दोनों बड़ी परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।


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