पदोन्नति का इंतजार: फाइलों में दबी 4461 शिक्षकों की किस्मत, अधर में भविष्य
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत हजारों सहायक अध्यापक अपनी जायज पदोन्नति के लिए सरकारी सिस्टम और विभागीय लेटलतीफी से जंग लड़ रहे हैं। प्रदेश के 2635 विद्यालयों में प्रवक्ता पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से अटकी हुई है, जिसके कारण न केवल शिक्षकों का मनोबल गिर रहा है, बल्कि छात्र और बेरोजगार युवा भी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।
विभागीय लापरवाही और फाइलों का खेल
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रवक्ता पद के लिए 4461 रिक्तियों (1821 महिला और 2640 पुरुष) का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को तो भेज दिया है, लेकिन विडंबना देखिए कि विभाग पिछले चार साल में अर्ह शिक्षकों की पूरी सूची तक तैयार नहीं कर पाया है।
- महिला शाखा: पिछले दो वर्षों में आधा दर्जन बार गोपनीय आख्या मांगी गई, लेकिन 1821 पदों के सापेक्ष अब तक केवल 70% सूची ही तैयार हो सकी है। इसके चलते पिछले सात सालों से शिक्षिकाएं पदोन्नति की राह देख रही हैं।
- पुरुष शाखा: 2640 पदों के लिए अधियाचन भेजा जा चुका है, पर निदेशालय के पास अब तक योग्य शिक्षकों की पूरी डेटा लिस्ट ही उपलब्ध नहीं है।
आंकड़ों की जुबानी: खाली पड़े हैं 82% पद
राजकीय विद्यालयों में पदोन्नति कोटे की स्थिति बेहद चिंताजनक है। कुल स्वीकृत 5409 पदों में से महज 948 (18%) पदों पर ही शिक्षक तैनात हैं, जबकि 4461 (82%) पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विभाग की सुस्ती का आलम यह है कि हर साल दर्जनों शिक्षक बिना पदोन्नति का लाभ पाए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी वर्षों की सेवा का उचित प्रतिफल सिस्टम की भेंट चढ़ रहा है।
भर्ती परीक्षाओं का 'पेंच' और आयोग का तर्क
जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक के लिए लोक सेवा आयोग से संपर्क किया, तो आयोग ने वर्तमान में चल रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की व्यस्तता का हवाला देते हुए फिलहाल तिथि देने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही आयोग से समय मिलेगा, तैयार सूची के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बेरोजगारों के लिए भी है बड़ा अवसर
यह मुद्दा सिर्फ कार्यरत शिक्षकों तक सीमित नहीं है। यदि ये 4461 पदोन्नतियां समय पर होती हैं, तो सहायक अध्यापकों (LT Grade) के लगभग साढ़े चार हजार पद रिक्त हो जाएंगे। इन रिक्त पदों पर नई सीधी भर्ती का रास्ता साफ होगा, जिससे प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को एक बड़ी भर्ती में शामिल होने का सुनहरा मौका मिलेगा।


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