लखनऊ: महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, उत्तर प्रदेश ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए यू-डायस+ (UDISE+) पोर्टल पर छात्र डेटा प्रोग्रेशन, फीडिंग और अपडेशन की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलत डेटा की प्रविष्टि के लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक सीधे तौर पर उत्तरदायी होंगे।
समय सीमा और मुख्य तिथियाँ
- प्रोग्रेशन एक्टिविटी लिंक: शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा 20 अप्रैल 2026 से सक्रिय कर दिया गया है।
- कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि: छात्र विवरण के प्रोग्रेशन, फीडिंग और अपडेशन की प्रक्रिया 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण की जानी है।
डेटा प्रविष्टि के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश
विभाग द्वारा जारी निर्देशों में डेटा की शुद्धता पर विशेष जोर दिया गया है:
- प्रमाणिक आधार: डेटा प्रविष्टि केवल विद्यालय की प्रवेश पंजिका (Admission Register) और उपस्थिति पंजिका (Attendance Register) के आधार पर ही की जानी चाहिए। अनुमान के आधार पर कोई भी विवरण न भरें।
- शून्य त्रुटि (Zero Error): पोर्टल पर 100% त्रुटिरहित डेटा फीडिंग सुनिश्चित करना अनिवार्य है। गलत विवरण पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
- नवांकन पर ध्यान: प्री-प्राइमरी और कक्षा-1 में नए नामांकनों की प्रविष्टि के साथ-साथ 'ड्रॉपबॉक्स' में मौजूद छात्रों (विशेषकर कक्षा 5 से 6 और 8 से 9 वाले) का नामांकन अगली कक्षा में सुनिश्चित करना होगा ताकि ट्रांजीशन दर में सुधार हो सके।
- शिक्षक और सुविधाओं का विवरण: शिक्षकों के व्यक्तिगत विवरण, मोबाइल नंबर और प्रशिक्षण जानकारी के साथ-साथ विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं का डेटा भी अत्यंत सावधानीपूर्वक अपडेट करना होगा।
निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया
प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए बहु-स्तरीय निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है:
- प्रधानाध्यापक एवं BEO: डेटा फीडिंग के लिए प्रधानाध्यापक पूर्णतः उत्तरदायी होंगे। खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) दैनिक अनुश्रवण करेंगे और डेटा का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे।
- साप्ताहिक समीक्षा: जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा साप्ताहिक स्तर पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी।



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