भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि अब विश्रामावकाश (Vacation period) के दौरान सरकारी ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को 'अर्जित अवकाश' (Earned Leave) की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस संबंध में विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।
डिजिटल उपस्थिति के आधार पर होगा अवकाश का निर्धारण
आदेश के अनुसार, ग्रीष्मकालीन अवकाश या अन्य लंबी छुट्टियों के दौरान जब शिक्षकों को जनगणना, निर्वाचन (चुनाव) या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में तैनात किया जाता है, तो उन्हें अपनी उपस्थिति डिजिटल रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।
शिक्षकों को "हमारे शिक्षक" ऐप के माध्यम से ड्यूटी स्थल पर अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस (e-Attendance) लगानी होगी। ऐप पर दर्ज की गई यह उपस्थिति ही इस बात का पुख्ता प्रमाण मानी जाएगी कि शिक्षक ने छुट्टी के दिन विभागीय कार्य किया है। इसी आधार पर उनके अर्जित अवकाश का संचयन किया जाएगा।
म.प्र. सिविल सेवा नियम 2025 के तहत मिलेगा लाभ
संचालनालय द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि ई-अटेंडेंस के आधार पर संबंधित शिक्षकों के प्रकरण म.प्र. सिविल सेवा (अवकाश) नियम-2025 के नियम-27 के अंतर्गत विचार योग्य होंगे। इसके तहत शिक्षकों द्वारा छुट्टियों में किए गए कार्य के बदले उनके अवकाश खाते में 'अर्जित अवकाश' जोड़ दिए जाएंगे।
शिक्षकों को मिलेगी बड़ी राहत
अक्सर शिक्षकों की यह मांग रहती थी कि अवकाश के दिनों में चुनाव या जनगणना जैसे कार्यों में ड्यूटी लगाने से उनकी छुट्टियां खत्म हो जाती हैं। सरकार के इस नए कदम से उन हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी जो शैक्षणिक सत्र के अवकाश के दौरान भी प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। अब उनकी इस अतिरिक्त सेवा को आधिकारिक तौर पर 'अर्जित अवकाश' के रूप में मान्यता दी जाएगी।


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