नई दिल्ली/प्रयागराज: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने गुरुवार सुबह बहुप्रतीक्षित आईसीएसई (कक्षा 10वीं) और आईएससी (कक्षा 12वीं) के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छात्रों के शैक्षणिक स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल परीक्षा देने वाले 99 प्रतिशत से अधिक छात्र सफल रहे हैं।
शानदार रहा उत्तीर्ण प्रतिशत
इस वर्ष 10वीं और 12वीं, दोनों ही स्तरों पर छात्रों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आईसीएसई (कक्षा 10वीं) में कुल 99.18% छात्र उत्तीर्ण हुए, जबकि आईएससी (कक्षा 12वीं) में कुल 99.13% छात्रों को सफलता मिली।
देशभर से 10वीं की परीक्षा में कुल 2,58,721 छात्र बैठे थे, जिनमें से केवल 2,131 छात्र सफल नहीं हो सके। वहीं, 12वीं की परीक्षा में 1,03,316 छात्रों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिनमें से 902 छात्र परीक्षा उत्तीर्ण करने से चूक गए।
प्रयागराज के होनहारों ने लहराया परचम
संगम नगरी प्रयागराज के छात्रों ने मेरिट लिस्ट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों ने टॉपर्स की सूची में अपनी जगह बनाई:
- आईसीएसई टॉपर: गर्ल्स हाई स्कूल (GHS) की लक्षित ने 99.2% अंक हासिल कर शहर का मान बढ़ाया।
- आईएससी टॉपर: सेंट जोसेफ कॉलेज (SJC) के निकुंज ने 99.25% अंकों के साथ बारहवीं में टॉप किया।
इन छात्रों की सफलता पर स्कूलों में जश्न का माहौल है और शिक्षकों का कहना है कि यह उनकी कड़ी मेहनत और निरंतरता का परिणाम है।
बेटियों ने फिर मारी बाजी
परिणामों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि इस बार भी लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। आईसीएसई (10वीं) में लड़कियों का पास प्रतिशत 99.46% रहा, जबकि लड़कों का प्रतिशत 98.93% दर्ज किया गया।
इसी तरह, आईएससी (12वीं) में भी लड़कियों ने बाजी मारी और उनका पास प्रतिशत 99.48% रहा, जबकि लड़कों का सफलता प्रतिशत 98.81% रहा। लड़कियों का यह दबदबा दोनों ही कक्षाओं में बरकरार रहा, जो महिला शिक्षा के प्रति समाज और अभिभावकों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
निष्कर्ष और आगे की राह
CISCE बोर्ड के नतीजे यह दर्शाते हैं कि शिक्षा का स्तर अब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्र विषयों की गहरी समझ विकसित कर रहे हैं। 99% से अधिक का पास प्रतिशत यह भी बताता है कि मूल्यांकन की पद्धति छात्रों के अनुकूल रही है।
"सफलता केवल अंकों में नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया में छिपी होती है। जो छात्र सफल नहीं हो पाए, उनके लिए यह अंत नहीं बल्कि एक नया अनुभव है।"
अब सफल छात्रों के सामने उच्च शिक्षा और करियर चुनने की अगली चुनौती है। विशेषकर 12वीं के छात्र अब विभिन्न विश्वविद्यालयों और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर कदम बढ़ाएंगे। अभिभावकों और शिक्षकों ने सभी सफल उम्मीदवारों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।


