प्रयागराज: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक (TGT) भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण संशोधन जारी किया है। अब इस भर्ती के माध्यम से चयनित होने वाले अभ्यर्थी केवल कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को ही पढ़ाएंगे।
कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया निर्णय
यह संशोधन माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित हालिया आदेशों के अनुपालन में किया गया है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्षदेव पांडेय के अनुसार, यह निर्णय मुख्य रूप से दो प्रमुख याचिकाओं पर आधारित है:
- अभिलेख व तीन अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2025)
- जयहिंद यादव व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल 2026 को अपना निर्णय सुनाया था, जिसे अब आयोग ने आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है।
विज्ञापन की सीमाओं में संशोधन
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 28 जुलाई 2025 को जारी किए गए मूल विज्ञापन को अब न्यायालय के आदेशानुसार संशोधित माना जाएगा।
"परीक्षा-2025 के अंतर्गत सभी विषयों के सफल अभ्यर्थियों की नियुक्तियां अब विशिष्ट रूप से कक्षा 9 और 10 के अध्यापन कार्य के लिए ही की जाएंगी। 22 अप्रैल 2026 के आदेश के क्रम में पुराने विज्ञापन को इसी सीमा तक संशोधित समझा जाए।"
— हर्षदेव पांडेय, परीक्षा नियंत्रक (UPPSC)
प्रमुख बिंदु जो आपको जानने चाहिए:
- प्रभावी तिथि: संशोधन 22 अप्रैल 2026 के आदेश के तहत तत्काल प्रभाव से लागू है।
- कार्यक्षेत्र: शिक्षकों का कार्यक्षेत्र अब केवल हाईस्कूल स्तर (कक्षा 9-10) तक सीमित रहेगा।
- पुरानी भर्ती पर असर: यह नियम 28 जुलाई 2025 के विज्ञापन से जुड़ी सभी नियुक्तियों पर लागू होगा।
इस बदलाव से उन हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति की स्थिति स्पष्ट हो गई है जो लंबे समय से कानूनी स्पष्टता का इंतजार कर रहे थे। विभाग अब इस संशोधित नीति के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया को गति देगा।


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