सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट मामले में फैसला सुरक्षित रखा
मुख्य बातें:
- न्यायालय: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया (कोर्ट नंबर 8)
- पीठ: माननीय न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और माननीय न्यायमूर्ति मनमोहन
- तारीख: 13 मई 2026
- मामला: रिव्यू पिटीशन (सिविल) डायरी नंबर 53434/2025 (उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट व अन्य)
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य और अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट व अन्य के बीच चल रहे कानूनी विवाद में दायर पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petitions) पर सुनवाई पूरी कर ली है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितंबर 2025 को सिविल अपील (C.A. 1385/2025) में दिए गए अंतिम निर्णय और आदेश से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका (डायरी नंबर 53434/2025) दायर की थी, जिसके बाद इससे जुड़ी कई अन्य याचिकाएं भी अदालत के सामने आईं।
13 मई 2026 को हुई इस सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में देश के कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एस. पटवालिया, डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, मुकुल रोहतगी, सलमान खुर्शीद, राकेश द्विवेदी और जयदीप गुप्ता सहित वकीलों की एक लंबी फौज ने अपनी दलीलें पेश कीं।
मामले की संवेदनशीलता और व्यापकता को देखते हुए इसमें कई पक्षों ने हस्तक्षेप (Intervention/Impleadment) और मौखिक सुनवाई (Oral Hearing) के लिए आवेदन दे रखे थे।
न्यायालय की कार्यवाही सूची के अनुसार, "दलीलें पूरी हो चुकी हैं और आदेश सुरक्षित कर लिया गया है"। अब सभी पक्षों की नजरें सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो इस लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद को एक नई दिशा देगा।



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