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'स्कूल चलो अभियान' में लापरवाही पर गिरी गाज, 90 स्कूलों के 270 शिक्षकों का वेतन रोका

Sir Ji Ki Pathshala

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में 'स्कूल चलो अभियान' के प्रति उदासीनता बरतने वाले शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 90 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 1 और कक्षा 6 में एक भी नया नामांकन न होने पर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने इन विद्यालयों के 90 प्रधानाध्यापकों और 180 शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए उनसे तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

BSA Ghazipur Upasana Rani Verma taking action against teachers

शून्य नामांकन बना कार्रवाई का आधार

​गाजीपुर जिले में कुल 2266 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। हाल ही में हुई विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 90 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए सत्र के दौरान अब तक एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ है। इन विद्यालयों में नामांकन की संख्या 'शून्य' पाए जाने को विभाग ने घोर लापरवाही और सरकारी आदेशों की अवहेलना माना है।

प्रेरणा पोर्टल पर डेटा अपडेट न करने पर नाराजगी

​वेतन रोके जाने के साथ-साथ विभाग ने प्रेरणा पोर्टल पर डेटा फीडिंग में हो रही देरी पर भी सख्त नाराजगी जताई है। कई विद्यालयों ने अभी तक प्रोन्नत (Promote) हुए बच्चों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। बीएसए कार्यालय ने निर्देश दिया है कि सभी लंबित डेटा को तत्काल अपडेट किया जाए, अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

BSA का कड़ा संदेश: "शिथिलता बर्दाश्त नहीं"

​बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

​"स्कूल चलो अभियान के तहत हमारा मुख्य लक्ष्य हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है। नामांकन कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन 90 स्कूलों में एक भी नामांकन नहीं हुआ है, वहां के स्टाफ से तीन दिन में साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा नियमावली के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"

मुख्य बिंदु: एक नजर में

  • कुल विद्यालय प्रभावित: 90 परिषदीय विद्यालय।
  • कुल स्टाफ पर कार्रवाई: 270 (90 प्रधानाध्यापक + 180 सहायक शिक्षक)।
  • कारण: कक्षा 1 और 6 में शून्य नामांकन तथा प्रेरणा पोर्टल पर डेटा अपडेट न करना।
  • समय सीमा: 3 दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देना होगा स्पष्टीकरण।

​इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखे और शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूलों में पंजीकरण सुनिश्चित हो।