हाथरस। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के बेहतर प्रबंधन और छात्र-शिक्षक अनुपात को दुरुस्त करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती ने सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को गति देते हुए समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत अब विद्यालय स्तर पर सरप्लस शिक्षकों की पहचान कर उनका डेटा पूरी पारदर्शिता के साथ फ्रीज किया जाना है।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में खण्ड शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि तैयार किए गए डेटा को संबंधित विकास खण्डों के शिक्षकों को अवलोकन हेतु उपलब्ध कराया जाए। शिक्षक अपनी कार्यभार ग्रहण तिथि, आवंटित विषय और विद्यालय में कुल छात्र नामांकन के आधार पर अपने डेटा की जांच कर सकेंगे। यदि किसी भी विवरण में त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित शिक्षक साक्ष्य सहित अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, ताकि अंतिम सूची पूरी तरह से त्रुटिमुक्त और न्यायसंगत हो सके।
इस पूरी प्रक्रिया में विद्यालय के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण तय की गई है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर से सरप्लस शिक्षकों को चिन्हांकित करते हुए भौतिक और अभिलेखीय साक्ष्यों का मिलान करें। इसके पश्चात, खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर डेटा को सत्यापित और प्रतिहस्ताक्षरित करना अनिवार्य होगा। बीएसए कार्यालय ने इस कार्य के लिए 10 मई 2026 की दोपहर 12:00 बजे तक की समय सीमा निर्धारित की है, जिसके भीतर हार्ड और सॉफ्ट कॉपी जमा करानी होगी।
विभाग ने इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। आदेश में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि जो प्रधानाध्यापक इस प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग नहीं करेंगे या विभागीय आदेशों की अवहेलना करेंगे, उनके विरुद्ध जिलाधिकारी के संज्ञान में लाते हुए कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों ने इस कार्य को शासन की प्राथमिकता में रखते हुए सभी संबंधित पक्षों को समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।


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