Type Here to Get Search Results !

समस्त प्र०अ० के साथ आयोजित मासिक समीक्षा बैठक, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण एवं डी०टी०एफ० बैठकों के आयोजन के संबंध में।

Sir Ji Ki Pathshala

बेसिक शिक्षा में सुधार हेतु कड़े निर्देश; बैठकों और स्कूल निरीक्षण में लापरवाही पर नपेगी गाज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और 'निपुण भारत मिशन' के लक्ष्यों को समय से हासिल करने के लिए विभाग अब सख्त रुख अपना रहा है। हाल ही में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), षष्ठ मण्डल लखनऊ द्वारा लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और खीरी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया गया है।

UP Basic Shiksha Nipun Bharat Official Letter 2026

​इस पत्र में डेटा विश्लेषण के आधार पर पाया गया है कि कई जनपदों में मासिक समीक्षा बैठकों और स्कूल निरीक्षणों में भारी लापरवाही बरती जा रही है।

​समीक्षा बैठकों में लापरवाही पर नाराजगी

​प्रेरणा पोर्टल के डेटा विश्लेषण से यह सामने आया है कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच कई विकास खंडों में बी.ई.ओ. (BEO) द्वारा प्रधानाध्यापकों के साथ मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित नहीं की गईं। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि अब प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को अनिवार्य रूप से बैठक आयोजित की जाए। यदि उस दिन अवकाश हो, तो अगले कार्यदिवस पर बैठक करना अनिवार्य होगा।

​निरीक्षणों की गुणवत्ता पर सवाल

​पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि लखनऊ जनपद में ए.आर.पी. (ARP) द्वारा किए गए निरीक्षणों में से केवल 75 प्रतिशत ही 'वैलिड विजिट' के रूप में दर्ज हैं। इसका अर्थ है कि जमीनी स्तर पर किए जा रहे निरीक्षणों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है। विभाग ने ए.आर.पी. और डाइट मेंटर्स को निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष विद्यालयों का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने को कहा है।

​'निपुण लक्ष्य ऐप' का कम उपयोग

​डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए 'निपुण+ ऐप' के उपयोग को लेकर भी निराशाजनक आंकड़े सामने आए हैं।

  • ​हरदोई, खीरी और लखनऊ जैसे जनपदों में फरवरी 2026 में उपलब्ध अभ्यास प्रश्न पत्रों का उपयोग 10 प्रतिशत से भी कम पाया गया है।
  • ​अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के अधिगम स्तर (Learning Level) के आकलन हेतु इस ऐप का नियमित उपयोग सुनिश्चित कराया जाए।

​टास्क फोर्स की बैठकों का अभाव

​जनपद स्तरीय टास्क फोर्स (DTF) की बैठकों का नियमित आयोजन न होना और उनकी रिपोर्ट प्रेरणा पोर्टल पर फीड न करना भी एक बड़ी खामी के रूप में उभरकर आया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बैठकों के मिनट और कार्यवृत्त को समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

​विभाग की नई रणनीति:

  • अनिवार्य बैठकें: हर महीने के चौथे शनिवार को ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठक।
  • सख्त मॉनिटरिंग: बी.ई.ओ., ए.आर.पी. और डाइट मेंटर्स के कार्यों की सीधी निगरानी।
  • डेटा आधारित समीक्षा: अब केवल कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि प्रेरणा पोर्टल के वास्तविक डेटा के आधार पर प्रदर्शन का आकलन होगा।

शासन का स्पष्ट संदेश है कि 'निपुण भारत मिशन' के लक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं और बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए तकनीक (निपुण+ ऐप) और फील्ड विजिट का प्रभावी उपयोग करें।

मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक लखनऊ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र - निपुण भारत मिशन समीक्षा बैठक