विद्यालय में सबसे लंबे समय से (अधिकतम ठहराव वाले) कार्यरत शिक्षक को सबसे पहले सरप्लस श्रेणी में रखा जाएगा
लखीमपुर खीरी। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के अंत: जनपदीय समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय द्वारा जारी हालिया आदेश के अनुसार, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'सरप्लस' यानी आवश्यकता से अधिक शिक्षकों की पहचान के लिए कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं।
इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि विद्यालय में सबसे लंबे समय से कार्यरत शिक्षक (अधिकतम ठहराव वाले) को ही सबसे पहले सरप्लस की श्रेणी में रखा जाएगा।
सरप्लस शिक्षकों के चयन के मुख्य आधार
जनपदीय समिति के निर्णयानुसार, शिक्षकों को सरप्लस घोषित करने के लिए निम्नलिखित प्राथमिकताएं तय की गई हैं:
- अधिकतम ठहराव: जिस शिक्षक का उस विद्यालय में सेवा काल सबसे लंबा है, उन्हें सरप्लस माना जाएगा।
- पुरुष शिक्षक को प्राथमिकता: यदि विद्यालय में सरप्लस शिक्षक महिला है, तो उनके स्थान पर अधिक ठहराव वाले पुरुष शिक्षक को सरप्लस के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
- सेवानिवृत्ति का ध्यान: यदि चिह्नित किया गया सरप्लस शिक्षक 31 मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त (Retire) हो रहा है, तो उन्हें छोड़कर उनके बाद दूसरे सबसे लंबे ठहराव वाले शिक्षक को सरप्लस श्रेणी में डाला जाएगा।
सूची और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया
विभाग ने सरप्लस शिक्षकों की सूची जनपद खीरी की आधिकारिक वेबसाइट https://kheri.nic.in पर प्रदर्शित कर दी है।
- आपत्ति का समय: सूची जारी होने की तिथि से 07 दिन के भीतर संबंधित शिक्षक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
- प्रक्रिया: शिक्षकों को अपनी आपत्ति आवश्यक साक्ष्यों (Documents) के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
- अंतिम निर्णय: जनपदीय समिति इन आपत्तियों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेगी, जिसके बाद समायोजन की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इसके बाद किसी भी प्रकार की सुनवाई मान्य नहीं होगी।
अधिकारियों को निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रवीण कुमार तिवारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया है कि वे संबंधित शिक्षकों को अनिवार्य रूप से इस सूची और प्रक्रिया के बारे में सूचित करें, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ समय पर संपन्न हो सके।


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