जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ वैवाहिक जीवन में पनपे संदेह और आपसी कलह ने एक महिला शिक्षिका की जान ले ली। 'पति, पत्नी और वो' के फेर में उलझी इस कहानी का अंत इतना दर्दनाक होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। पति के चरित्र पर शक और रोज-रोज के मानसिक तनाव से तंग आकर एक शिक्षिका ने फांसी के फंदे को गले लगाकर मौत को गले लगा लिया।
यह मामला सिरसा कलार कस्बे का है। यहाँ के निवासी अनूप कुमार प्रजापति अपनी पत्नी रेखा देवी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं। अनूप मूल रूप से लहर कनार गांव के रहने वाले हैं और वहां दूध की डेयरी का संचालन करते हैं। काम के सिलसिले में अनूप को प्रतिदिन कस्बे से गांव जाना पड़ता था और देर शाम उनकी वापसी होती थी। यही आवाजाही उनके दांपत्य जीवन में कलह का मुख्य कारण बन गई। रेखा देवी को संदेह था कि उनके पति के गांव में किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध हैं, जिसके चलते वे घंटों घर से बाहर रहते हैं।
मृतका रेखा देवी कस्बे के ही एक निजी इंटर कॉलेज में पढ़ाती थीं। घर और स्कूल की जिम्मेदारियां संभालने के बावजूद उनके मन में चल रहा संदेह कम होने का नाम नहीं ले रहा था। परिजनों के अनुसार, इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर तीखी नोंकझोंक होती थी। मंगलवार को भी घर में तनाव का माहौल था। इसी बीच, मानसिक रूप से परेशान रेखा मकान की दूसरी मंजिल पर बनी छत के कमरे में चली गईं और वहां पंखे से रस्सी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई।
इस आत्मघाती कदम ने न केवल एक महिला की जान ली, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। रेखा और अनूप की दो बेटियां, परी और शिवांगी, तथा एक छोटा पुत्र राम है। इन मासूमों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। घटना की जानकारी मिलते ही रेखा के मायके गढ़र गांव में भी मातम पसर गया है। मायके पक्ष के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस घटना के लिए गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। थाना प्रभारी वरुण प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद और आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या रेखा को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था या यह केवल उनके मानसिक संदेह का चरम परिणाम था।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे संवाद की कमी और अविश्वास का जहर बसे-बसाए घरों को श्मशान में तब्दील कर देता है।


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