Type Here to Get Search Results !

प्रभारी प्रधानाध्यापकों के समान वेतन का मामला: इलाहाबाद लीगल टीम की लखनऊ खंडपीठ में बड़ी सुनवाई आज

Sir Ji Ki Pathshala

इलाहाबाद/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत प्रभारी प्रधानाध्यापकों के लिए आज 12 मई 2026 का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रधानाध्यापक के समान वेतन देने की मांग को लेकर चल रहे कानूनी संघर्ष में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक निर्णायक सुनवाई प्रस्तावित है।

क्या है पूरा मामला?

​प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नियमित पद के समान वेतन और भत्ते देने का मुद्दा लंबे समय से कानूनी गलियारों में है। यह मामला पूर्व में माननीय सुप्रीम कोर्ट तक जा चुका है, जहाँ न्यायालय ने सरकार की स्पेशल अपील को खारिज करते हुए शिक्षकों के पक्ष में रुख स्पष्ट किया था।

14 अक्टूबर 2025 का विवादित सरकारी आदेश

​सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, राज्य सरकार द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को एक नया आदेश जारी किया गया। हालांकि, इस आदेश ने शिक्षकों के बीच असंतोष पैदा कर दिया। सरकार ने इस आदेश में यह शर्त रखी कि केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को प्रभारी प्रधानाध्यापक के बराबर वेतन और बकाया (Arrears) भुगतान दिया जाएगा, जो 'डिवीजन बेंच' में याचिकाकर्ता के रूप में शामिल थे।

कोर्ट में कल की सुनवाई का मुख्य बिंदु

​सरकार के इसी भेदभावपूर्ण आदेश (14 अक्टूबर 2025) को अब लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह सभी पात्र प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर लागू होना चाहिए।

​कल की सुनवाई की मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

  • केस स्टेटस: लंबित (Pending)
  • रिट संख्या: WRIT - A [12736/2025]
  • सुनवाई की तिथि: 12 मई 2026
  • न्यायालय: कोर्ट नंबर 17 (बेंच आईडी 3017)
  • माननीय न्यायाधीश: न्यायमूर्ति राजीव सिंह
  • केस का स्तर: 'For Order' (आदेश हेतु)

इलाहाबाद लीगल टीम की अपील

​इलाहाबाद लीगल टीम ने सभी शिक्षक साथियों को एकजुट रहने का संदेश दिया है। टीम का कहना है कि वे इस विधिक लड़ाई को अंतिम चरण तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अन्य प्रभारी प्रधानाध्यापक इस संबंध में विधिक सहायता चाहता है या नया वाद दाखिल करना चाहता है, तो टीम उनकी पूरी मदद करेगी।

​शिक्षक साथी इस मामले की गहराई और विधिक बारीकियों को समझने के लिए इलाहाबाद लीगल टीम द्वारा साझा किए गए वीडियो विश्लेषण को देख सकते हैं।

निष्कर्ष:

कल की सुनवाई पर पूरे प्रदेश के हजारों प्रभारी प्रधानाध्यापकों की निगाहें टिकी हैं। यदि कोर्ट का रुख सकारात्मक रहता है, तो यह प्रदेश के सभी प्रभारी प्रधानाध्यापकों के लिए समान वेतन की राह आसान कर देगा।

विधिक सहायता हेतु संपर्क: इलाहाबाद लीगल टीम

वीडियो लिंक: यहाँ क्लिक करें

High Court Case Status of Prabhari Pradhanadhyapak Salary Case 2026

Top Post Ad

Bottom Post Ad