UP Basic Education: को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात ECCE एजुकेटर्स के मानदेय का रास्ता साफ, शासन ने मांगी रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं के लिए अच्छी खबर है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने प्रदेश के सभी जनपदों में तैनात ECCE (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) एजुकेटर्स के मानदेय वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अपर परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा (राजेंद्र प्रसाद) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) से तैनात एजुकेटर्स की वास्तविक संख्या के सापेक्ष अगले 3 माह के मानदेय का मांगपत्र तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
कुल 19,000 से अधिक पदों पर तैनाती का लक्ष्य
शासन द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में प्रदेश भर में दो अलग-अलग योजनाओं के तहत एजुकेटर्स की तैनाती की जा रही है:
- समग्र शिक्षा (फेज 1+2): इसके तहत कुल 10,684 पद सृजित हैं (9,842 समग्र शिक्षा + 842 पी०एम० श्री योजना के अंतर्गत)।
- बेसिक शिक्षा विभाग: शासनादेश दिनांक 27 जून 2025 के अनुसार, 8,800 अतिरिक्त को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों/बालवाटिकाओं में भी एजुकेटर्स की तैनाती की कार्यवाही की गई है।
अगले 3 महीने के बजट की तैयारी
महानिदेशालय ने जनपदों को एक निर्धारित प्रारूप (Format) भेजा है, जिसमें निम्नलिखित जानकारी मांगी गई है:
- जनपद का नाम।
- लक्ष्य के सापेक्ष वास्तव में तैनात ECCE एजुकेटर्स की संख्या।
- अगले 03 माह हेतु आवश्यक मानदेय की कुल धनराशि।
यह डेटा प्राप्त होते ही शासन द्वारा बजट जारी कर दिया जाएगा, जिससे सेवा प्रदाता (Service Provider) के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर तैनात इन एजुकेटर्स को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
क्यों महत्वपूर्ण है ECCE एजुकेटर की भूमिका?
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छोटे बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिक विद्यालयों के साथ जोड़कर (Co-located) वहां बालवाटिकाएं संचालित की जा रही हैं। इन केंद्रों पर ECCE एजुकेटर्स खेल-खेल में बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
BSA को तत्काल कार्यवाही के निर्देश
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जनपद स्तर पर तैनात एजुकेटर्स की वास्तविक संख्या के आधार पर ही धनराशि प्रेषित की जाएगी। अतः सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे बिना किसी विलंब के यह सूचना निदेशालय को प्रेषित करें ताकि मानदेय भुगतान में देरी न हो।


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