प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों से सेवानिवृत्त हुए हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। बेसिक शिक्षा परिषद ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को देय 'नोशनल वेतनवृद्धि' (Notional Increment) के लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द निस्तारित करने के आदेश जारी किए हैं।
वित्त नियंत्रक, बेसिक शिक्षा परिषद (प्रयागराज) ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और वित्त एवं लेखाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि इस मामले में तत्काल आवश्यक कार्यवाही की जाए ताकि वृद्ध पेंशनरों को उनका वाजिब लाभ मिल सके।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेशीय सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रदेश के कई मंडलों में 'नोशनल वेतनवृद्धि' की स्वीकृति सेवा अभिलेखों (Service Records) के अभाव में रोक दी गई है।
- लंबित अवधि: यह मामला मुख्य रूप से उन शिक्षकों से जुड़ा है जो 1 जनवरी 2006 से 30 जून 2015 के बीच सेवानिवृत्त हुए थे।
- अवरोध का कारण: विभाग के संज्ञान में लाया गया कि अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन कार्यालय द्वारा सेवा पुस्तिका न होने का तर्क देकर पेंशनरों के दावों को निस्तारित नहीं किया जा रहा है।
- नियम क्या कहता है: संगठन का तर्क है कि सेवानिवृत्ति के बाद सेवा पुस्तिका विभाग के पास ही रहती है, और इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की होती है। ऐसे में अभिलेखों की कमी का बहाना बनाकर पेंशनरों का लाभ रोकना अनुचित है।
वित्त नियंत्रक का सख्त निर्देश
शिक्षा निदेशक (बेसिक) के निर्देश के क्रम में वित्त नियंत्रक ने 29 अप्रैल 2026 को जारी अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि:
- प्रदेश के सभी जनपदों में नोशनल वेतनवृद्धि के जितने भी मामले लंबित हैं, उनका यथाशीघ्र नियमानुसार निस्तारण किया जाए।
- अभिलेखों के अभाव में किसी भी वृद्ध पेंशनर का देय लाभ बाधित नहीं होना चाहिए।
- इस संबंध में कृत कार्यवाही से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जाए।
पेंशनरों को मिलेगा आर्थिक लाभ
नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ मिलने से सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन राशि में सुधार होगा। लंबे समय से पेंशनभोगी समाज इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहा था कि 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को 1 जुलाई से देय वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ 'नोशनल' आधार पर दिया जाए। विभाग की इस सक्रियता से अब हजारों बुजुर्गों को उनके वित्तीय हक मिलने की उम्मीद जग गई है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- दिनांक: 29 अप्रैल 2026 को आधिकारिक आदेश जारी।
- प्रभावित पक्ष: 2006 से 2015 के बीच सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक।
- जिम्मेदार अधिकारी: समस्त BSA और वित्त एवं लेखाधिकारी, उत्तर प्रदेश।
यह आर्टिकल विभाग द्वारा जारी नवीनतम पत्राचार (पत्रांक: 07/बे०शि०प०/ले०सं०/पेंशन/343-512/2026-27) पर आधारित है।





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