लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के भीतर आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने भीषण तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में हुई भारी जनहानि को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन और प्रशासन को बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के आश्रितों को 24 घंटे के भीतर 4 लाख रुपये की सहायता राशि अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया है कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर होने वाली शिथिलता या देरी अक्षम्य होगी और ऐसा होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्राकृतिक आपदा के इस कहर ने प्रदेश के 26 जिलों को अपनी चपेट में लिया है, जिसमें अब तक 111 लोगों की असामयिक मृत्यु की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। इस आपदा में 72 लोग घायल हुए हैं, जबकि 170 पशुओं की हानि और 227 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज में सर्वाधिक 21, मिर्जापुर में 19, संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को तत्काल अपने संबंधित क्षेत्रों में पहुंचने और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेने का आदेश दिया है।
आम जनजीवन के साथ-साथ मुख्यमंत्री का ध्यान किसानों और पशुपालकों पर भी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया है कि फसलों के नुकसान का त्वरित सर्वे कर किसानों को राहत प्रदान की जाए। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है। राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है।
बचाव और जागरूकता के प्रयासों को साझा करते हुए बताया गया कि मौसम विज्ञान विभाग और सचेत पोर्टल के माध्यम से अब तक 34.64 करोड़ रेड और ऑरेंज अलर्ट संदेश जनता को भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है और प्रभावितों को तेजी से राहत पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


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