लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में पुरानी पेंशन योजना (OPS) एक बार फिर मुख्य केंद्र बन गई है। लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित 'शिक्षक एवं चिकित्सक सम्मेलन' के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा कार्ड खेला है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने मंच से यह स्पष्ट घोषणा की कि यदि कांग्रेस सत्ता में वापसी करती है, तो कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा है पुरानी पेंशन: अविनाश पांडे
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अविनाश पांडे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पुरानी पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी थी, जिसे भाजपा सरकार ने उनसे छीन लिया है। कांग्रेस हमेशा से कर्मचारियों के हितों की रक्षक रही है और हम उन्हें उनका हक वापस दिलाएंगे।" उन्होंने शिक्षकों और चिकित्सकों को 'भविष्य का निर्माणकर्ता' और 'समाज का प्रहरी' बताते हुए कहा कि उनके संघर्ष में कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
शिक्षा और चिकित्सा का हो रहा है व्यवसायीकरण: अजय राय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सेवाओं को 'व्यापार' बना दिया है। अजय राय ने कहा, "सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। भाजपा सरकार केवल निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे आम जनता को भारी नुकसान हो रहा है।"
अजय राय की तबीयत बिगड़ी, पीएम मोदी ने जताया सरोकार
कार्यक्रम के समापन के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें बेहोशी की हालत में लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके शरीर में सोडियम की कमी हो गई थी। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संज्ञान लिया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
विपक्ष पर सुप्रिया श्रीनेत का तंज
कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने भी सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा, "जो लोग अपनी स्वयं की डिग्री नहीं दिखा सकते, हम उनसे शिक्षा को आगे बढ़ाने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?"
इस सम्मेलन में तनुज पुनिया, रवि प्रकाश वर्मा और मुईद अहमद सहित कांग्रेस के कई अन्य दिग्गज नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस के इस वादे ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच एक नई चर्चा छेड़ दी है, जो आने वाले चुनावों में एक निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।


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