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आपदा प्रबंधन में बड़ी क्रांति: अब बिना इंटरनेट मोबाइल पर गूंजेगा 'इमरजेंसी सायरन'

Sir Ji Ki Pathshala

भारत का नया सुरक्षा कवच: सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम और आपदा प्रबंधन की नई दिशा

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नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्र ने ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ (Cell Broadcast Alert System) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह तकनीक भूकंप, सुनामी और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों में पलक झपकते ही करोड़ों नागरिकों तक चेतावनी पहुंचाने में सक्षम है।

​ट्रायल के दौरान मचा हड़कंप, पर सुरक्षा है पक्की

​हाल ही में शनिवार सुबह 11:42 बजे जब करोड़ों भारतीयों के फोन एक साथ तेज बीप और वाइब्रेशन के साथ बज उठे, तो एक बारगी लोग सहम गए। स्क्रीन पर 'अत्यधिक गंभीर अलर्ट' का संदेश देखकर किसी को हैकिंग तो किसी को तकनीकी खराबी का डर सताया। हालांकि, यह सरकार द्वारा किया गया एक नियोजित 'पैनिक टेस्ट' था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सिस्टम की सटीकता जांचने के लिए ऐसे ट्रायल जारी रहेंगे।

​इस तकनीक की 3 बड़ी विशेषताएं

​यह सिस्टम सामान्य SMS से कहीं अधिक एडवांस है। इसकी कार्यप्रणाली इसे संकट के समय सबसे भरोसेमंद बनाती है:

  • इंटरनेट की जरूरत नहीं: यह अलर्ट सीधे मोबाइल नेटवर्क (Cell Towers) के जरिए भेजा जाता है, इसलिए बिना डेटा पैक या इंटरनेट के भी आपके फोन पर फ्लैश होगा।
  • DND और साइलेंट मोड बेअसर: यदि आपका फोन 'डू नॉट डिस्टर्ब' या साइलेंट मोड पर भी है, तब भी यह सिस्टम एक विशेष लाउड टोन के साथ आपको सतर्क करेगा।
  • नेटवर्क जाम का खतरा नहीं: सामान्य SMS एक-एक करके भेजे जाते हैं, जिससे देरी हो सकती है। सेल ब्रॉडकास्ट एक साथ एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र के सभी सक्रिय फोन्स पर संदेश भेजता है।

​आपदा में बनेगा 'जीवन रक्षक'

​राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से विकसित यह प्रणाली निम्नलिखित स्थितियों में गेम-चेंजर साबित होगी:

  1. प्राकृतिक आपदाएं: भूकंप, चक्रवात, सुनामी और अचानक आने वाली बाढ़।
  2. मानवीय संकट: जहरीली गैस का रिसाव, युद्ध की स्थिति या दंगों के दौरान सुरक्षा निर्देश।
  3. स्थानीय अलर्ट: किसी विशेष शहर या मोहल्ले में अचानक पैदा हुई इमरजेंसी की जानकारी।
विशेषज्ञों की राय: "यह तकनीक 1990 के दशक से विकसित हो रही है, लेकिन भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश में इसका सफल कार्यान्वयन लाखों लोगों की जान बचा सकता है। यह पेरिस (1997) के सफल प्रदर्शन के बाद अब वैश्विक मानक बन चुका है।"

​नागरिकों के लिए संदेश

​सरकार ने अपील की है कि इन संदेशों से घबराने के बजाय इन्हें गंभीरता से लें। यदि आपके फोन पर ऐसा कोई टेस्ट मैसेज आता है, तो उसे ध्यान से पढ़ें और निर्देशों का पालन करें। यह डिजिटल सुरक्षा कवच भविष्य में किसी भी अनहोनी के समय आपके और आपके परिवार के लिए सबसे बड़ा ढाल बनेगा।