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खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपनी मोहर में नाम लिखना अनिवार्य, देखें अपर शिक्षा निदेशक का आदेश

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पूर्व में एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश जारी किया गया था। अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामता राम पाल द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश (संख्या: निरीक्षण/136/2025-26) में खंड शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली और दस्तावेजों के प्रमाणीकरण को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे।

​इस आदेश की पृष्ठभूमि में यह मुख्य कारण था कि विभाग के संज्ञान में यह बात आई थी कि प्रदेश में कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारी शासकीय अभिलेखों और पत्राचार के दौरान केवल अपने पदनाम वाली मोहर का उपयोग कर रहे थे। इसके साथ ही, विद्यालय निरीक्षण आख्या, टी.सी. प्रतिहस्ताक्षर और अन्य दैनिक दस्तावेजों पर बिना किसी तिथि के हस्ताक्षर किए जा रहे थे। इस लापरवाही के कारण माननीय न्यायालयों में लंबित प्रकरणों या अन्य जटिल परिस्थितियों में यह पहचानना अत्यंत कठिन हो जाता था कि संबंधित हस्ताक्षर किस अधिकारी द्वारा और किस विशिष्ट दिनांक को किए गए हैं।

​इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु आदेश में यह स्पष्ट किया गया था कि अब समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को अपनी मोहर में अनिवार्य रूप से अपना नाम, पदनाम, विकासखंड, नगर क्षेत्र, मुख्यालय और जनपद का नाम अंकित करना होगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी शासकीय पत्राचार या अभिलेख पर हस्ताक्षर करते समय स्पष्ट रूप से दिनांक लिखना भी अनिवार्य कर दिया गया था, ताकि भविष्य में चिन्हांकन की कोई कठिनाई उत्पन्न न हो।

​विभाग ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए समस्त मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके कड़ाई से अनुपालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस पुराने आदेश का मुख्य लक्ष्य विभागीय कार्यों में स्पष्टता लाना और कानूनी प्रक्रियाओं के दौरान दस्तावेजों की प्रमाणिकता को सुनिश्चित करना था।

शिक्षा निदेशक बेसिक उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आधिकारिक आदेश पत्र 2025-26