प्रयागराज: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक) भर्ती के अंतर्गत सामाजिक विज्ञान विषय की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम बुधवार को जारी कर दिया है। 17 जनवरी को आयोजित हुई इस परीक्षा का परिणाम लगभग ढाई महीने के लंबे इंतजार के बाद घोषित किया गया है।
परीक्षा का विवरण और परिणाम विश्लेषण
आयोग द्वारा यह भर्ती कुल 703 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। इसमें पुरुष शाखा के 561 पद और महिला शाखा के 140 पद शामिल हैं। साथ ही, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत विशिष्ट अध्यापकों के 2 पदों को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, इस भर्ती के लिए कुल 2,09,572 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,20,302 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। आयोग के सचिव अशोक कुमार ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर कुल 9,242 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि निर्धारित न्यूनतम दक्षता मानक (कट-ऑफ) अंक प्राप्त न कर पाने के कारण मुख्य परीक्षा के लिए रिक्तियों के मुकाबले 15 गुना अभ्यर्थी नहीं मिल सके।
मुख्य परीक्षा की तिथि और आगामी प्रक्रिया
सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा 14 जून को प्रस्तावित है। मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन से जुड़ी विस्तृत जानकारी और अधिसूचना आयोग द्वारा जल्द ही अलग से जारी की जाएगी।
मीडिया की सक्रियता का असर: 'हिन्दुस्तान' की पहल लाई रंग
सामाजिक विज्ञान का परिणाम लंबित होने के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ था। इस गंभीर मुद्दे को समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान’ ने 28 मार्च के अंक में ‘पाठ्यक्रम न परिणाम, अधर में छात्रों का भविष्य’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
समाचार पत्र की इस सक्रियता पर आयोग ने तत्काल संज्ञान लिया, जिसका सुखद परिणाम मात्र चार दिनों के भीतर घोषित रिजल्ट के रूप में सामने आया है।
प्रतियोगी छात्र दिनेश यादव और सुनील कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि 'हिन्दुस्तान' ने हमारी आवाज को प्रभावी ढंग से प्रशासन तक पहुँचाया। परीक्षा परिणाम का समय पर आना हम सभी के लिए बड़ी राहत की बात है। इसके लिए उन्होंने समाचार पत्र का आभार व्यक्त किया।
स्त्रोत: हिंदुस्तान समाचार


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