लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी (उपादान) की अधिकतम सीमा को ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख करने का आधिकारिक निर्णय लिया है।
मुख्य बदलाव और पात्रता
उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय द्वारा जारी शासनादेश (संख्या-114/2026) के अनुसार, यह निर्णय महंगाई भत्ते (DA) के मूल वेतन के 50 प्रतिशत तक पहुँचने के बाद लिया गया है। इस आदेश के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- ग्रेच्युटी में 25% की वृद्धि: पूर्व में ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹20 लाख निर्धारित थी, जिसे अब 25 प्रतिशत बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया है।
- प्रभावी तिथि: यह लाभ उन शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा जो 01 जनवरी 2024 को या उसके बाद 60 वर्ष की आयु का विकल्प चुनकर सेवानिवृत्त हुए हैं।
- दायरा: यह नियम उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) शिक्षण संस्थाओं पर समान रूप से लागू होगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
शासन द्वारा यह कदम 'वेतन समिति उत्तर प्रदेश 2016' की संस्तुतियों और वित्त (सामान्य) अनुभाग के प्रावधानों के अनुरूप उठाया गया है। नियम के अनुसार, जब भी महंगाई भत्ता मूल वेतन का 50% पार कर जाता है, तब ग्रेच्युटी की सीमा में वृद्धि का प्रावधान स्वतः सक्रिय हो जाता है।
नोट: यह शासनादेश इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया गया है और इसकी प्रमाणिकता उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट shasanadesh.up.gov.in पर जांची जा सकती है।
निष्कर्ष: सरकार के इस निर्णय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बुढ़ापे में बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, जिससे शिक्षक संगठनों और कर्मचारी संघों में खुशी की लहर है।


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