नई दिल्ली: पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को और अधिक सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है। अब एनपीएस केवल रिटायरमेंट फंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) को अनिवार्य रूप से जोड़ दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बुढ़ापे में निवेशकों के पास न केवल नियमित आय हो, बल्कि बीमारी के समय उन पर आर्थिक बोझ भी न पड़े।
नए नियमों की 5 मुख्य बातें
- अनिवार्य स्वास्थ्य बीमा: प्रत्येक एनपीएस खाताधारक के लिए अब स्वास्थ्य बीमा कवर लेना जरूरी होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बीमा का प्रीमियम अलग से भरने की जरूरत नहीं होगी; इसे सीधे एनपीएस खाते से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के रूप में काटा जाएगा।
- न्यूनतम बैलेंस की शर्त: मेडिकल जरूरतों के लिए खाते से पैसा निकालने हेतु अब आपके एनपीएस अकाउंट में कम से कम 50,000 रुपये का जमा होना अनिवार्य है। इस राशि का अधिकतम 25% हिस्सा ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निकाला जा सकेगा।
- एंट्री लेवल निवेश में बदलाव: योजना का लाभ उठाने के लिए अब शुरुआत में कम से कम 25,000 रुपये का निवेश करना होगा। यह कदम योजना में गंभीर और लंबी अवधि के निवेशकों को जोड़ने के लिए उठाया गया है।
- इलाज के लिए 100% निकासी: आपातकालीन स्थितियों या गंभीर बीमारियों के मामले में, PFRDA ने नियमों को बेहद लचीला बना दिया है। अब निवेशक विशेष परिस्थितियों में अपने खाते की 100% राशि निकाल सकेंगे, जिससे अस्पताल के भारी-भरकम बिलों का भुगतान आसान हो जाएगा।
- सरल क्लेम प्रक्रिया: नई व्यवस्था के तहत क्लेम का पैसा सीधे अस्पताल या बीमा कंपनी को ट्रांसफर किया जाएगा। यदि इलाज के बाद कोई राशि शेष बचती है, तो वह वापस निवेशक के एनपीएस फंड में क्रेडिट कर दी जाएगी।
निवेशकों को क्या होगा फायदा?
पेंशन विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से एनपीएस एक 'ऑल-इन-वन' वित्तीय उत्पाद बन गया है। जहाँ एक ओर आपका पैसा बाजार आधारित रिटर्न के साथ बढ़ता रहेगा, वहीं दूसरी ओर बिना किसी 'वेटिंग पीरियड' के मिलने वाला स्वास्थ्य कवर निवेशकों को मानसिक शांति प्रदान करेगा।
विशेष नोट: PFRDA ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि बीमा से जुड़ी सभी शर्तें और नियम सरल भाषा में निवेशकों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में क्लेम को लेकर कोई विवाद न हो।


