लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत लाखों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले 6 महीनों के वेतन भुगतान के लिए भारी-भरकम बजट को वित्तीय स्वीकृति दे दी है। इस कदम से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित हो गया है।
बजट का विवरण और आवंटन
संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय द्वारा जारी शासनादेश (संख्या-113/2026) के अनुसार, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन व भत्तों के लिए कुल ₹25014.52 करोड़ (दो सौ पचास अरब चौदह करोड़ बावन लाख उन्नीस हजार रुपये) की धनराशि अवमुक्त की गई है।
- अवधि: यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम 06 माह (अप्रैल से सितंबर) के लिए है।
- लेखाशीर्ष: यह राशि बजट के लेखाशीर्ष 2202-01-102-07-0701-31 के अंतर्गत जारी की गई है।
भुगतान के लिए कड़े निर्देश
शासन ने बजट जारी करने के साथ ही इसके सही उपयोग और समयबद्धता को लेकर कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी रखी हैं:
- उचित उपयोग: आवंटित धनराशि का उपयोग केवल उसी मद (वेतन एवं भत्ते) के लिए किया जाएगा जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
- जवाबदेही: किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- उपयोगिता प्रमाण पत्र: अगली किश्त जारी करने से पहले पूर्व में खर्च की गई राशि का 'उपयोगिता प्रमाण पत्र' (UC) अनिवार्य रूप से शासन को उपलब्ध कराना होगा।
- पारदर्शिता: धनराशि का आहरण और वितरण वित्त विभाग द्वारा निर्धारित नियमों और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाएगा।
किसे होगा लाभ?
इस बजट आवंटन से उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन का रास्ता साफ हो गया है। नए सत्र की शुरुआत में ही बजट मिल जाने से वेतन बिलों के भुगतान में देरी की संभावना खत्म हो गई है।



