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UP Primary School NCERT Books: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कक्षा 1 से 4 तक लागू हुईं NCERT की पुस्तकें, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को राष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 4 तक के छात्र NCERT (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) के पाठ्यक्रम पर आधारित पुस्तकों से पढ़ाई करेंगे।

Detailed list of NCERT Hindi medium books for UP primary schools class 1-4.

​यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप किया गया है, ताकि हिंदी माध्यम के छात्र भी राष्ट्रीय मानकों के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सकें।

कक्षावार NCERT पुस्तकों की विस्तृत सूची (हिंदी माध्यम)

​यदि आप एक शिक्षक हैं या आपके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं, तो नीचे दी गई पुस्तकों की सूची आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है:

कक्षा 1 (Class 1)

​कक्षा 1 के छोटे बच्चों के लिए भाषा और अंक ज्ञान को सरल बनाने के लिए निम्नलिखित पुस्तकें निर्धारित की गई हैं:

  • हिंदी: सारंगी (नई हिंदी पाठ्यपुस्तक), रिमझिम
  • गणित: गणित का जादू

कक्षा 2 (Class 2)

​कक्षा 1 की तरह ही कक्षा 2 में भी भाषा कौशल के विकास पर ध्यान दिया गया है:

  • हिंदी: सारंगी, रिमझिम
  • गणित: गणित का जादू

कक्षा 3 (Class 3)

​कक्षा 3 से बच्चों के पाठ्यक्रम में पर्यावरण अध्ययन (EVS) को भी शामिल किया गया है:

  • हिंदी: सारंगी, रिमझिम
  • गणित: गणित का जादू
  • पर्यावरण अध्ययन: आस-पास

कक्षा 4 (Class 4)

​कक्षा 4 के लिए भी NCERT की मानक पुस्तकों को हिंदी माध्यम में अपनाया गया है:

  • हिंदी: सारंगी, रिमझिम
  • गणित: गणित का जादू
  • पर्यावरण अध्ययन: आस-पास

NCERT पाठ्यक्रम लागू होने के मुख्य लाभ

​उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम से कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे:

  1. राष्ट्रीय प्रतियोगिता: अब यूपी के बच्चे भी उन्हीं पुस्तकों को पढ़ेंगे जो केंद्रीय विद्यालयों (KVS) और अन्य राज्यों के प्रमुख स्कूलों में पढ़ाया जाता है, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे।
  2. सरल भाषा: NCERT की पुस्तकें चित्रों और कहानियों के माध्यम से कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने के लिए जानी जाती हैं।
  3. शिक्षण में एकरूपता: पूरे प्रदेश के साथ-साथ देशभर के पाठ्यक्रम में समानता आएगी।

निष्कर्ष

​उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा। 'सर जी की पाठशाला' सभी शिक्षकों और अभिभावकों से अपील करती है कि वे इन नई पुस्तकों के माध्यम से बच्चों के शैक्षणिक विकास में सहयोग करें।