नई दिल्ली: भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन 'भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय' (ORGI) ने आगामी जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए विस्तृत परिपत्र (Circular No. 7) जारी कर दिया है। इस बार की जनगणना न केवल डिजिटल होगी, बल्कि इसमें कार्यरत कर्मचारियों के लिए वित्तीय मानदंडों और मानदेय (Honorarium) की बड़ी घोषणा पहले ही कर दी गई है।
विशेष रूप से शिक्षक समुदाय और अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए, जो प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) के रूप में अपनी सेवाएं देंगे, यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जनगणना 2027: दो चरणों की विस्तृत कार्ययोजना
भारत सरकार द्वारा अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार, जनगणना का कार्य दो मुख्य चरणों में संपन्न किया जाएगा:
- प्रथम चरण (HLO): मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य संपन्न किया जाएगा।
- द्वितीय चरण (PE): जनसंख्या गणना का मुख्य और अंतिम कार्य फरवरी 2027 में आयोजित होगा।
- चरण-I (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना): इसके लिए ₹9,000 का मानदेय निर्धारित किया गया है।
- चरण-II (जनसंख्या गणना): इस मुख्य चरण के लिए ₹16,000 का मानदेय दिया जाएगा।
- कुल मानदेय (Total Honorarium): संपूर्ण जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूरा करने पर कुल ₹25,000 की राशि देय होगी।
मानदेय (Honorarium) का आधिकारिक विवरण
जारी किए गए परिपत्र के अनुसार, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को उनके द्वारा आवंटित ब्लॉक के सफल समापन के पश्चात निम्नलिखित मानदेय प्रदान किया जाएगा:
प्रौद्योगिकी और डिजिटल जनगणना का उपयोग
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आंकड़ों की शुद्धता के लिए इस बार डिजिटल डेटा कैप्चर तकनीक का उपयोग किया जाएगा। प्रगणकों को मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा संकलन करने हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे कागजी कार्यवाही कम होगी और डेटा का विश्लेषण वास्तविक समय (Real-time) में संभव होगा।
नियुक्ति एवं भुगतान के नियम
जनगणना कर्मियों की नियुक्ति जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत की जा रही है। मानदेय का भुगतान आवंटित कार्य के सफल समापन और पर्यवेक्षक द्वारा उसके सत्यापन के बाद सीधे कर्मचारी के बैंक खाते (DBT) में किया जाएगा।
निष्कर्ष
जनगणना 2027 देश के भविष्य की विकास योजनाओं का आधार बनेगी। इसमें कार्यरत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए ₹25,000 का मानदेय एक न्यायोचित कदम है। सर जी की पाठशाला सभी संबंधित कर्मियों को सलाह देती है कि वे डिजिटल जनगणना की ट्रेनिंग में सक्रिय रूप से भाग लें।
स्रोत: गृह मंत्रालय, भारत सरकार।


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