लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन ने प्रदेश के मान्यता प्राप्त शासकीय और अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षण कार्य की अवधि में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। विशेष सचिव उमेश चन्द्र द्वारा जारी नए शासनादेश के अनुसार, अब राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन न्यूनतम 06 घंटे का शिक्षण कार्य अनिवार्य होगा।
यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के मानकों को पूरा करने के लिए लिया गया है।
क्यों बदला गया समय?
शासनादेश के अनुसार, पहले के नियमों के तहत एक शैक्षणिक सत्र में कुल शिक्षण घंटों की संख्या मानकों से कम बैठ रही थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक कक्षा के लिए 40 क्रेडिट अंक निर्धारित हैं, जिसके लिए वार्षिक 1200 घंटे का शिक्षण कार्य आवश्यक है। इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के विनियमों में संशोधन करते हुए स्कूल की समय-अवधि बढ़ाई गई है।
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नया टाइम-टेबल: कब से कब तक खुलेंगे स्कूल?
नए नियमों के तहत साल को दो सत्रों (गर्मी और सर्दी) में बांटा गया है:
1. 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक (ग्रीष्मकालीन समय):
- कुल अवधि: प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक।
- प्रार्थना सभा: प्रातः 7:30 से 7:45 बजे तक (15 मिनट)।
- प्रथम सत्र (पहली बैठक): प्रातः 7:45 से 10:25 बजे तक (40 मिनट के 4 वादन)।
- विश्रामकाल (Interval): प्रातः 10:25 से 10:50 बजे तक (25 मिनट)।
- द्वितीय सत्र (दूसरी बैठक): प्रातः 10:50 से दोपहर 1:30 बजे तक (40 मिनट के 4 वादन)।
2. 01 अक्टूबर से 31 मार्च तक (शीतकालीन समय):
- कुल अवधि: प्रातः 9:30 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक।
- प्रार्थना सभा: प्रातः 9:30 से 9:45 बजे तक (15 मिनट)।
- प्रथम सत्र (पहली बैठक): प्रातः 9:45 से दोपहर 12:25 बजे तक (4 वादन)।
- विश्रामकाल (Interval): दोपहर 12:25 से 12:50 बजे तक (25 मिनट)।
- द्वितीय सत्र (दूसरी बैठक): दोपहर 12:50 से अपराह्न 3:30 बजे तक (4 वादन)।
प्रमुख बिंदु और शर्तें
- न्यूनतम कार्य दिवस: एक शैक्षणिक वर्ष में विद्यालय कम से कम 220 दिन खुले रहेंगे।
- अनिवार्य उपस्थिति: इस अवधि में परीक्षाओं और पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों का समय भी शामिल होगा।
- पत्राचार शिक्षा: पत्राचार शिक्षा के अंतर्गत पंजीकृत छात्रों के लिए कार्य दिवसों की संख्या 75 दिन निर्धारित की गई है।
- अपरिहार्य स्थिति: यदि किसी आपात स्थिति में विद्यालय बंद किया जाता है, तो अवशेष घंटों की पूर्ति के लिए विद्यालय संचालन की अवधि को भविष्य में बढ़ाकर समायोजित किया जाएगा।
शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
शासन का मानना है कि शिक्षण घंटों में इस वृद्धि से छात्रों को न केवल पाठ्यपुस्तकों को गहराई से समझने का समय मिलेगा, बल्कि खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों (Extracurricular activities) के लिए भी पर्याप्त अवसर प्राप्त होंगे।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और संयुक्त शिक्षा निदेशकों को कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए भेज दिया गया है।




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