UP Board News: पत्राचार शिक्षा संस्थान में कक्षा 9 और 10 पंजीकरण शुरू
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने व्यक्तिगत (Private) परीक्षार्थियों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पत्राचार शिक्षा संस्थान (Institute of Correspondence Education), उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा इंटरमीडिएट के साथ-साथ कक्षा 9वीं और 10वीं (हाईस्कूल) के लिए भी पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस संबंध में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश, डॉ. महेन्द्र देव ने प्रदेश के समस्त मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को आधिकारिक पत्र जारी कर दिशा-निर्देश दे दिए हैं।
प्रमुख बिंदु और बदलाव
- सत्र 2026-27 से प्रभावी: पत्राचार के माध्यम से हाईस्कूल (कक्षा 9 और 10) के पंजीकरण की सुविधा इसी वर्तमान सत्र से लागू कर दी गई है।
- अनिवार्य पंजीकरण: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में व्यक्तिगत परीक्षार्थी (Private Candidates) के रूप में शामिल होने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए अब पत्राचार शिक्षा संस्थान में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
- पाठ्यक्रम का पालन: पंजीकृत छात्रों को संस्थान द्वारा निर्धारित विशिष्ट पाठ्यक्रम का अनुसरण करना होगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
विभाग के अनुसार, प्रतिवर्ष यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। परीक्षा पद्धति के आधुनिकीकरण (Modernization) और छात्रों को बेहतर शैक्षिक आधार प्रदान करने के उद्देश्य से पत्राचार शिक्षा संस्थान के दायरे को विस्तार दिया गया है।
गौरतलब है कि पत्राचार शिक्षा संस्थान की स्थापना 1980 के शासनादेश के तहत की गई थी, ताकि जो छात्र नियमित विद्यालय नहीं जा सकते, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।
आगे की प्रक्रिया
शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र (पत्रांक: पत्राचार/118/2026-27) के अनुसार, पंजीकरण से संबंधित विस्तृत विवरण और अग्रिम सूचनाएं जल्द ही आधिकारिक तौर पर प्रेषित की जाएंगी। विभाग ने साफ किया है कि इस व्यवस्था के लागू होने से व्यक्तिगत छात्रों की शैक्षणिक निगरानी और उनके परीक्षा परिणाम में सुधार की उम्मीद है।
"वर्तमान सत्र से इंटरमीडिएट के साथ हाईस्कूल के लिए भी पत्राचार माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इससे जुड़े अन्य निर्देश समय-समय पर जारी किए जाएंगे।"
— डॉ. महेन्द्र देव, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश

