उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यरत शिक्षा मित्रों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ी घोषणा की है। शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा मित्रों के मानदेय हेतु 250 करोड़ रुपये (दो अरब पचास करोड़ मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गई है।
मानदेय की दर में हुआ बदलाव
आदेश के अनुसार, शासनादेश संख्या-111/2026/1/1293567/2026-68-5099/124/2026 (दिनांक 09 अप्रैल, 2026) के अनुपालन में अब शिक्षा मित्रों को 1 अप्रैल, 2026 से ₹18,000 प्रति माह की दर से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। यह वृद्धि प्रदेश के हजारों शिक्षा मित्रों के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत के रूप में देखी जा रही है।
बजट आवंटन की मुख्य बातें
निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया गया है:
- कुल लाभार्थी: मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada ID) के आंकड़ों के अनुसार, कुल 13,597 शिक्षा मित्रों को इस बजट से सीधे लाभ मिलेगा।
- मासिक भुगतान: स्वीकृत धनराशि का आहरण एकमुश्त नहीं किया जाएगा; बल्कि आवश्यकतानुसार हर महीने राजकोष से पैसा निकाला जाएगा ताकि नियमित भुगतान सुनिश्चित हो सके।
- उपयोगिता प्रमाण पत्र: आवंटित बजट का सही इस्तेमाल करने और समय पर 'उपयोगिता प्रमाण पत्र' (Utilization Certificate) उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया है कि धनराशि का उपयोग केवल उसी कार्य (शिक्षा मित्र मानदेय) के लिए किया जाएगा जिसके लिए इसे आवंटित किया गया है। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता होने पर संबंधित जिले के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।
इस आदेश के बाद अब प्रदेश के शिक्षा मित्रों को उनके बढ़े हुए मानदेय का भुगतान सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम न केवल शिक्षा मित्रों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

