लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों के लिए अच्छी खबर है। राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा अप्रैल 2026 का मानदेय बढ़ी हुई दर से जारी कर दिया गया है। अब अनुदेशकों को ₹9,000 के स्थान पर ₹17,000 प्रति माह के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
- बढ़ा हुआ मानदेय: ₹17,000 प्रति माह।
- प्रभावी तिथि: यह वृद्धि 01 अप्रैल 2026 से लागू की गई है।
- भुगतान का माध्यम: मानदेय का भुगतान पूर्णतः PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में किया जाएगा।
- बजट प्रेषण: शासन ने अप्रैल माह की धनराशि सभी जनपदों को हस्तांतरित कर दी है।
05 तारीख तक अनिवार्य रूप से डाटा अपलोड करने के निर्देश
राज्य परियोजना कार्यालय ने पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि:
- वे प्राप्त धनराशि और किए गए व्यय का विवरण नियमित रूप से साझा करें।
- प्रत्येक माह की 05 तारीख तक 'प्रबंध पोर्टल' पर अनिवार्य रूप से खर्च का विवरण अपलोड करें।
- यदि कोई धनराशि शेष रहती है, तो उसकी सूचना भी राज्य कार्यालय को दी जाए।
अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत
शासन के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे अनुदेशकों के लिए यह आदेश एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 11 माह के लिए निर्धारित इस मानदेय से उनके जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
नोट: इस आदेश की प्रति सभी जिलाधिकारियों (DM), मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और मंडल के सहायक शिक्षा निदेशकों को सूचनाार्थ और आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई है ताकि भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।






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