श्रावस्ती। आगामी जनगणना-2027 के कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) श्रावस्ती, सत्येन्द्र कुमार सिंह ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा जनगणना प्रशिक्षण के दौरान ली जा रही छुट्टियों पर रोक लगा दी है।
प्रशिक्षण में अनुपस्थिति पर प्रशासन सख्त
विभाग के संज्ञान में आया है कि जनगणना-2027 हेतु प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) के रूप में तैनात कई शिक्षक और कर्मचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय चिकित्सीय अवकाश (Medical Leave) का आवेदन कर रहे हैं।
वर्तमान में प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है:
- प्रथम चरण: 23 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक।
- द्वितीय चरण: 27 अप्रैल 2026 से 29 अप्रैल 2026 तक।
नगर पालिका परिषद भिनगा और तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, भारी संख्या में अवकाश आवेदनों के कारण शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसे प्रशासन ने अनुशासनहीनता माना है।
अब केवल CMO की रिपोर्ट पर ही मिलेगा अवकाश
कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अब अवकाश के नियमों में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) का प्रमाण पत्र अनिवार्य: अब किसी भी कर्मचारी को चिकित्सीय अवकाश या बाल देखभाल अवकाश (CCL) तभी मिलेगा, जब वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से निर्गत चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगा।
- CL और EL पर रोक: सामान्य परिस्थितियों में किसी भी प्रकार का आकस्मिक अवकाश (CL) या अर्जित अवकाश (EL) जनगणना कार्य की समाप्ति तक देय नहीं होगा।
- निरीक्षण और कार्रवाई: यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
शासकीय कार्य में बाधा डालने पर चेतावनी
BSA ने स्पष्ट किया है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या फर्जी मेडिकल के आधार पर ड्यूटी से बचने की कोशिश करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


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