बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से जूझ रहे शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन ने वर्तमान में उत्पन्न ईंधन समस्या को देखते हुए शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराने का आधिकारिक आदेश जारी किया है।
जिला पूर्ति अधिकारी, बहराइच द्वारा जारी पत्र के अनुसार, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (शाखा-बहराइच) ने प्रशासन को अवगत कराया था कि वर्तमान में डीजल-पेट्रोल की कमी के कारण शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को विद्यालय समय पर पहुँचने में भारी कठिनाई हो रही है। इसके साथ ही, वर्तमान में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण में पहुँचने में भी शिक्षकों को बाधा आ रही थी।
शिक्षकों की इन समस्याओं और शासकीय कार्यों (विशेषकर जनगणना) की महत्ता को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है ताकि शैक्षणिक और विभागीय कार्य प्रभावित न हों।
आदेश की मुख्य बातें:
- प्राथमिकता के आधार पर वितरण: जनपद के समस्त पेट्रोल और डीजल पंप संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को प्राथमिकता दें।
- इन पदों को मिलेगी छूट: शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और बेसिक शिक्षा परिषद के अन्य कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
- अनिवार्य दस्तावेज: ईंधन प्राप्त करने के लिए संबंधित कर्मचारी को अपना विभागीय आई.डी. कार्ड (Identity Card) दिखाना अनिवार्य होगा।
- प्रभावी निगरानी: जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार वितरण सुनिश्चित किया जाए ताकि सरकारी कार्यों में कोई व्यवधान न आए।
प्रशासनिक मुस्तैदी
जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र तिवारी द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। इस निर्णय से शिक्षकों में हर्ष का माहौल है, क्योंकि इससे उन्हें लंबी कतारों और ईंधन की अनुपलब्धता के कारण होने वाली मानसिक व शारीरिक परेशानी से निजात मिलेगी।

